खजराना बायपास इलाके में तीन दिन पहले मिले शव की पहचान पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल के इंस्पेक्टर के रूप में हुई है। उन्हें पत्थरों से कुचलकर मारा गया। इसके बाद बदमाश उनके शव को बायपास पर एक गार्डन के पास फेंक गए। तीन दिन से पुलिस इनकी शिनाख्त में लगी थी। सोमवार को परिजन विजय नगर थाने गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे तो लावारिस मिले शव की जानकारी दी। इसी के बाद पहचान हुई। डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि 24 जनवरी की सुबह 10 बजे खजराना क्षेत्र में 42 वर्षीय व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिला था। कपड़ों की तलाशी में कोई पहचान पत्र नहीं मिला। पुलिस ने अज्ञात शव मिलने का केस दर्ज कर मामले में शिनाख्ती के प्रयास किए तो 25 जनवरी को पता चला जो शव मिला है, वह पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (पीआरटीएस) में इंस्पेक्टर प्रभात नारायण चतुर्वेदी का है।
पीआरटीएस अफसरों ने बताया कि इंस्पेक्टर चतुर्वेदी 22 जनवरी को ड्यूटी पर आए थे। उसी के बाद से गैर हाजिर हैं। इसके पूर्व भी ये कई बार बीमारी व अन्य कारणों से गैर हाजिर रहे हैं। इनकी हत्या किसने की इसे लेकर टीमें पड़ताल कर रही हैं। परिजन का कहना है कि वे घर से करीब 50 हजार रुपए साथ लेकर निकले थे।
पत्नी मत्स्य पालन विभाग में अधिकारी : प्रभात की पत्नी मत्स्य पालन विभाग में सेकंड ग्रेड ऑफिसर हैं। इनके दो बेटे हैं। एक यूपीएससी की तैयारी कर रहा है तो दूसरा बेटा विजय नगर इलाके में होटल का संचालन करता है। परिवार वालों को हत्या के पीछे कोई ठोस वजह पता नहीं चली है। परिवार शोक में होने से बयान भी नहीं लिए जा सके हैं।
ऑटो रिक्शा से हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास
बॉडी मिलने के बाद से ही खजराना पुलिस ने इलाके में घटना स्थल व उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पुलिस को तड़के 4 बजे के आसपास घटना स्थल से एक ऑटो रिक्शा निकलने का सुराग मिला है। इस रिक्शा की मदद से ही पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सोमवार को मृतक की पहचान होने के बाद परिजन को पोस्टमॉर्टम भवन में शिनाख्त करवाई गई। पीआरटीएस अधिकारियों की माने तो इंस्पेक्टर चतुर्वेदी शराब पीने के आदी थे। वे अत्यधिक शराब पीते थे। इस कारण कई बार ड्यूटी से भी गैर हाजिर रहे हैं। जिस ढंग से हत्या हुई है उससे किसी से तत्कालिक विवाद की भी आशंका है।
