
पीपल्याहाना में डेढ़ करोड़ से सिटी फॉरेस्ट बनाया जा रहा है। 44 हजार पौधे लगा चुके हैं। ठेकेदार को तीन साल तक इनकी देखरेख करना है, लेकिन ठेकेदार इन पर ध्यान नहीं दे रहा। पौधों को खाद-पानी नहीं मिलने से पौधे मुरझा रहे हैं। यहां कच्चा पाथ-वे भी बना है।
हट बनाई गई है। इसकी भी व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। निगम इस सिटी फॉरेस्ट में 200 रुपए प्रति पौधे की दर से भुगतान कर रहा है। उद्यान विभाग प्रभारी राजेंद्र राठौर और अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने यहां का मौका-मुआयना किया। अफसर मौके पर पहुंचे तो बदहाली दिखी।
देवगुराड़िया की बजाय गुलमर्ग परिसर के पास बनेगा नया सिटी फॉरेस्ट
सरकार ने देवगुराड़िया के पीछे सनावदिया की पहाड़ियों पर पौधारोपण के लिए 1 करोड़ का आवंटन निगम को किया है। यहां भी सिटी फॉरेस्ट बनाना था। इसी के पास पीएमएवाय के मकान बने हैं। निरीक्षण के बाद तय किया गया है कि यहां पर पौधे नहीं लग सकते हैं। अगर यहां पौधारोपण कर दिया तो ज्यादा दिनों तक वे जिंदा नहीं रहेंगे। इसलिए तय किया है कि गुलमर्ग परिसर के पास बिचौली के सिटी फॉरेस्ट के सामने खाली 17 एकड़ जमीन पर सिटी फॉरेस्ट बनाया जाएगा।
