पुलिस अपनी नाक बचाने के लिए किस तरह निर्दोष होनहार छात्र को जेल की हवा खिला सकती है इसका जीता-जागता उदाहरण आज इंदौर हाईकोर्ट में देखने को मिला… खबरों की मानें तो एक ड्रग स्मगलिंग के प्रकरण में 6 पुलिसकर्मियों ने 12वीं में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले छात्र सोहन पिता बालाराम निवासी जोधपुर को गत 29 अगस्त को बस से उठाया और उसे ढाई किलो से ज्यादा की अफीम के साथ गिरफ्तार करना बताया… जबकि जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो छात्र खाली हाथ था और पुलिस उसे जबरदस्ती थाने ले गई और केस दर्ज कर जेल भेज दिया… मामला मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने का है… इस मामले में आज मंदसौर एसपी विनोद कुमा मीणा खुद हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए और गलती स्वीकारते हुए 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की जानकारी दी और कहा कि इनके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी गई है… हालांकि एसपी ने इन 6 पुलिसकर्मियों के नामों का खुलासा नहीं किया… पुलिसकर्मियों के नाम ना बताने के मामले में सरकारी वकील ने जब कहा कि ट्रायल कोर्ट में केस सुनवाई में स्थिति साफ हो जाएगी, तो कोर्ट ने कहा कि क्या अब दस साल तक एक बेगुनाह इसके लिए भी इंतजार करेगा..? फिलहाल कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया..!
