जैसलमेर और दीव में दबिश, अभी भी हाथ नहीं आया जीतू

By Abhishek Raghuvanshi
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पार्षद कमलेश कालरा के घर में घुसकर बेटे से बदसलूकी करने और हमला करने वाले 40 में से 29 बदमाशों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। फुटेज व हमला करने आए वाहनों के आधार पर पुलिस अब तक 9 बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है। 6 को जेल भेज दिया है। दो को रिमांड पर लिया है। हमले का मुख्य षड्यंत्रकारी जीतू यादव (जाटव) अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। एसआईटी की दो टीमों ने जैसलमेर और दीव तक पड़ताल की है। पुलिस टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर जीतू को जल्द ही आरोपी बनाएगी।
एडिशनल डीसीपी आनंद यादव ने बताया कि एसआईटी की दो टीमें प्रदेश से बाहर भेजी हैं। 29 आरोपियों में कुछ जीतू यादव के काफी करीबी हैं। इसलिए एक टीम राजस्थान व दूसरी गुजरात में महत्वपूर्ण ठिकानों पर दबिश देकर तलाश में है। दो आरोपी दीपक जोरिया उर्फ दीपू काका और आरोपी नितिन अड़ागले रिमांड पर हैं। रविवार देर रात एक आरोपी दीपक उर्फ दीपू वर्मा को गिरफ्तार किया था।
यादव-कालरा विवाद
जीतू यादव को पुलिस पुख्ता साक्ष्यों के बाद ही आरोपी बनाएगी। इसीलिए पुलिस पार्षद कालरा और उनके बेटे के दोबारा बयान लेकर उनकी कॉल डिटेल, वॉइस मैसेज और हमले के दौरान घरों पर पहुंची कारों व उत्पात मचाने वाले साथियों की कॉल डिटेल से जीतू की भूमिका को तय कर रही है। पुख्ता टेक्निकल साक्ष्य मिलते ही जीतू को प्रकरण में सह आरोपी बना लिया जाएगा। यह भी संभावना है कि जीतू को पकड़ने या हिरासत में लेने के साथ ही उसे केस दर्ज कर गिरफ्तारी भी ली जा सकती है।
ऑडियो से हुआ खुलासा
मालूम हो, विवाद का खुलासा ऑडियो वायरल होने के बाद से हुआ था। कालरा के पक्ष में समाजजन ने कमिश्नर से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट किया था कि सख्त कार्रवाई होगी।

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