इंदौर बना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर शहर

By Abhishek Raghuvanshi

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया जलूद स्थित 60 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण, 97% कार्य पूरा

इंदौर, 9 नवंबर 2025।
स्वच्छता और नवाचार के लिए प्रसिद्ध इंदौर अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम उठा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को जलूद स्थित सोलर पावर प्लांट, जल शोधन संयंत्र एवं पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। उनके साथ जल कार्य प्रभारी अभिषेक (बबलू) शर्मा एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने परियोजना की प्रगति, तकनीकी संरचना और ऊर्जा बचत की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि इंदौर नगर निगम द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संरक्षण में ग्राम सामराज एवं ग्राम आसुखेड़ी की 210 एकड़ भूमि पर 60 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है।

महापौर ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण संचालन से नगर निगम को प्रति माह लगभग 80 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी, जिससे 3 से 4 करोड़ रुपये मासिक विद्युत बिल में कमी आएगी। यह कदम इंदौर को “ऊर्जा आत्मनिर्भर शहर” के रूप में नई पहचान देगा।

- Advertisement -

1.23 लाख सोलर मॉड्यूल से होगा 60 मेगावाट उत्पादन

परियोजना के अंतर्गत 210 एकड़ भूमि को सात भागों में विभाजित किया गया है।

ग्राम सामराज के भाग 1 से 5 से 48 मेगावाट

ग्राम आसुखेड़ी के भाग 6 एवं 7 से 12 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा।

इस अत्याधुनिक संयंत्र में 1.23 लाख सोलर मॉड्यूल, 21 इनवर्टर, 7 इनवर्टर ड्यूटी ट्रांसफार्मर, 2 पावर ट्रांसफार्मर एवं अन्य नवीनतम तकनीकी उपकरण लगाए गए हैं।
परियोजना की जिम्मेदार एजेंसी द्वारा 97 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष कार्य अंतिम चरण में है।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को शीघ्रता से पूरा कर टेस्टिंग एवं कमीशनिंग की प्रक्रिया आरंभ की जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल नगर निगम की बिजली लागत में बड़ी बचत करेगी, बल्कि इंदौर को ग्रीन एनर्जी सिटी के रूप में प्रतिष्ठित करेगी।

इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ एवं परियोजना प्रभारी उपस्थित रहे।

Exit mobile version