इंदौर जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जागरुकता हेतु धर्मगुरु, विभिन्न समाजों के मुखिया, विवाह समारोह में सर्विस प्रदाताओं, पटवारी, आंगनवाडी कार्यकर्ता की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन आज ग्राम पंचायत नैनोद में किया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में श्री श्रवण चावडा, जिला पंचायत सदस्य श्री दिलीप पटेल, सरपंच श्री सुरेन्द्र सिंह सोलंकी, पंच श्रीमती नीतू जैन, परियोजना अधिकारी श्रीमती ममता कनेश, बाल संरक्षण अधिकारी श्री भगवानदास साहू, राजस्व निरीक्षक श्री धर्मेन्द्र शर्मा, पटवारी श्री प्रदीप चौहान उपस्थित थे। कार्यशाला को संबोधित करते हुये श्री चावडा ने कहा कि जनता को जागरूक करने से पहले स्वयं का जागरूक होना जरूरी है। कुप्रथा की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने से पहले हमें खुद जागरूक होना होगा। व्यक्ति अपने घर से ही शुरुआत करें तो धीरे-धीरे समाज से बाल विवाह जैसी प्रथा को जड़ से खत्म कर सकता है। बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ते के श्री महेन्द्र पाठक ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुये कहा कि बाल विवाह करने और करने वाले ही नहीं उसमें शामिल होने वाले सभी लोगों के साथ ही सेवा प्रदाता भी दोषी है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना किसी भी समय दी जा सकती है। प्रयास यह हो कि विवाह की तैयारी के दौरान ही परिवार को समझाइस दी जाए। एन वक्त पर मिलने वाली सूचना के कारण परिवार का खर्च भी हो जाता है और दल को रोकने में विरोध का सामना करना पड़ता है। इस अवसर पर बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं बाल विवाह न किये जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बुकलेट एवं पम्पलेट प्रदान किये गये। कार्यशाला में कोर ग्रुप के श्री देवेन्द्र कुमार पाठक व शौर्यादल सदस्य श्री शैलेष शर्मा भी उपस्थित हुये। इस अवसर पर अतिथियों ने उपस्थित समुदाय को बाल विवाह न करने और उसे रोकने की शपथ दिलाई गई। महिला एवं बाल विकास विभाग से श्री आशीष गोस्वामी ने अंत में आभार व्यक्त किया।
