इंदौर में स्वच्छता की परीक्षा नजदीक है और नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा इस बार कोई कोताही नहीं बरतना चाहते। इसलिए उन्होंने स्वच्छता से जुड़ी टीम की ‘विशेष क्लास’ लगा दी। लेकिन ये कोई आम क्लास नहीं थी, बल्कि “आयुक्त की पाठशाला” थी, जहां अधिकारियों को उनके ‘होमवर्क’ का हिसाब देना था!
बैठक के दौरान जब सहायक यंत्री पीआर आरोलिया से सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति पर सवाल किया गया, तो उन्होंने ‘बहाना कॉपी’ पेश करते हुए सफाई दी—”नोटशीट भेज दी है सर!” बस फिर क्या था, आयुक्त ने तगड़ी फटकार लगाई—”एक दिन मैं भी आपकी नोटशीट चला दूंगा!” इस पर क्लास में सन्नाटा छा गया।
इसी तरह, जब स्कूलों के शौचालयों की दुर्दशा पर शाला प्रकोष्ठ के अधीक्षण यंत्री शांतिलाल यादव की ‘प्रगति रिपोर्ट’ देखी गई, तो वह भी फेल मिले। परिणामस्वरूप, उन्हें भी कड़ी फटकार मिली।
आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया कि स्वच्छता सर्वेक्षण की इस परीक्षा में कोई ‘नकल’ नहीं चलेगी और जो लापरवाही करेगा, उसे ‘सजा’ भुगतनी होगी। अब देखना यह है कि इस “स्वच्छता पाठशाला” में सीखने वाले अधिकारी फेल होते हैं या टॉप करते हैं!
