इंदौर। (रोहित त्रिवेदी) राजवाड़ा की सूरत और सीरत तो पेले ही स्मार्ट सिटी ने बदली दी थी, लेकिन जो आज अन्दर हो रहा है, वो भी किसी स्मार्टनेस से कम नी दिख री है।
बस देर है तो अब मंत्रियों के आगमन की। नि:संदेह ही इंदौर को हर बार हर कार्यक्रम के लिए आजमाया जाता है। बड़े कार्यक्रम तो होटलों में हो ही जाते है, लेकिन सही मायनों में तो अब तक सबसे बड़ा कार्यक्रम राजवाड़ा पर ही हो रहा है, जिसमें 30 मंत्रियों की सुरक्षा, खान – पान, रहना और उनकी कदम ताल करना।
यक़ीनन यदि किसी परिसर को सजाना और संवारना है, तो उसमे बहुत अथक मेहनत, विजन, काम की सीमा, सभी विभागों से समन्वय करना आसान बात नहीं होती है।
जिला प्रशासन और नगर निगम दोनों ही अत्यधिक व्यस्ततम विभाग है। कलेक्टर आशीष सिंह और निगम आयुक्त शिवम वर्मा दोनों ही पिछले कई दिनों से विभिन्न विभागों की टीम के साथ बैठक करने के साथ काम की रूपरेखा तैयार कर रहे थे।
आखिकार सभी जनप्रतिनिधि से लगातार कॉर्डिनेशन के बाद अब अपने स्तर पर इस कैबिनेट को सफलता पूर्वक संपन्न कराने का बीड़ा भी पूरी टीम पर है। सच मानो तो कोई भी काम इतना आसान नहीं होता है।
इन्हीं तैयारियों के बीच भोपाल की लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, तैयारियों की बैठक, आम जनता से मिलना, फील्ड वर्क के साथ अन्य कार्य कभी नहीं रुकते है।
किसी कार्य की सफलता भी टीम के लीडर के साथ उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले सदस्यों से ही संभव हो पाती है।
ऐसा ही कुछ इंदौर में हो रही कैबिनेट की तैयारियों को लेकर भी दिखाई दे रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह हमेशा से कूल नेचर के साथ सभी पर विश्वास करते हुए उन्हें एप्रिशिएट करने से भी कभी पीछे नहीं रहते है।
इसलिए सभी तैयारियों को लेकर उनकी बारीकी से हर कोई परिचित भी है। बड़े बड़े इवेंट के साथ कई विकास कार्यों को वे बहुत ही सहजता से ऐसे निभाते है, मानो उनके लिए ये सब कोई नया नहीं है। फिर भी हर काम को वे बेहद गंभीरता से निभाने में कभी पीछे नहीं हटते है।
इंदौर जिला प्रशासन के तहसीलदार से लेकर SDM , ADM के साथ निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी भी रात दिन सभी व्यवस्थाओं को जुटाने में लगे है।
भव्यता के पीछे अच्छी भावना हो तो कोई भी काम कठिन नहीं लगता है। इस कार्यक्रम के लिए कलेक्टर और निगम आयुक्त की जोड़ी फिर से कमाल कर गई।
