इंदौर-खंडवा रोड जानलेवा बन चुका है। यहां हर 100 मीटर पर एक बड़ा गड्ढा है। इसके चलते वाहन दूसरे या तीसरे गियर में चल रहे हैं। इसका असर गाड़ियों के माइलेज पर पड़ने लगा है। ये ऐसे गड्ढे हैं, जिनसे बचाने के लिए चालक दूसरी लेन में घुस जाता है। गड्ढे भी ऐसे कि वाहनों के एक्सल व कमानी टूट रहे हैं। 2 घंटे का सफर 4 घंटे में पूरा हो रहा है।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति इंदौर-खंडवा रोड पर स्थित सिमरोल, चोरल, बाईग्राम और बलवाड़ा में है। वर्तमान में एनएचएआई और मेघा कंपनी इंदौर-खंडवा रोड पर 6 लेन सड़क बना रही है। वैसे तो कंपनी बायपास पर काम कर रही है, लेकिन वाहनों का दबाव पुरानी सड़क पर पड़ रहा है। तीनों ही गांव बड़े हैं। तीनों में इतने बड़े गड्ढे हैं कि 100 मीटर चलने पर वाहन रोकना ही पड़ता है।
पैवर लगा दिए, पानी निकासी नहीं यहां गड्ढे भरने के लिए एनएचएआई ने पैवर ब्लॉक लगा दिए। भारी वाहनों के कारण ब्लॉक गहरे बैठ गए। इससे सड़क और खराब हो गई। इसके बजाय डामर का पैचवर्क करते तो बेहतर होता। कई जगह पानी की निकासी नहीं होने से भी सड़क खुद गई है। दूसरी ओर, तीनों घाट पर नया रोड पूरी तरह चालू नहीं किया है। इससे पुराने घाट पर रोजाना जाम लग रहा है। सिमरोल और बलवाड़ा थानों ने जाम से निपटने के लिए टीम बनाई, लेकिन स्थिति सुधर नहीं रही है।
धूल से लोग हो रहे बीमार
चोरल निवासी होटल संचालक गंगाराम सैनी ने बताया, यहां इतनी धूल उड़ रही है कि दुकानों में रखा सामान खराब हो जाता है। धूल से बुजुर्ग लोग बीमार होने लगे हैं। सड़क की स्थिति ऐसी है कि निकलना ही मुश्किल हो चुका है।
वाहनों के अलाइनमेंट बिगड़े : गैरेज संचालक विनोद बिहारी ने बताया, गड्ढों के कारण बड़े ट्रक और कंटेनरों के एक्सल टूट रहे हैं। ट्रकों की कमानी तक टूट जाती है। हर दिन कोई ट्रक खराब होकर घाट पर खड़ा हो जाता है। पुलिस की सूचना पर हम घाट पर वाहन सुधारने जाते हैं, लेकिन उसमें 4 से 5 घंटे लग जाते हैं। इस बीच ट्रैफिक बाधित रहता है।
एक्सपर्ट बोले : पुरानी सड़कें पहले सुधारें
एनएचएआई को खंडवा रोड स्थित सिमरोल, चोरल, बाई ग्राम की पुरानी सड़कों को पहले सुधारना चाहिए, ताकि वहां से गुजरने वाला ट्रैफिक आसानी से चरते। इस रोड पर कई फीट लंबे और करीब एक फीट से ज्यादा गहरे गड्ढे हो चुके हैं। जब तक गांव से गुजरने वाली सड़क नहीं सुधरेगी, परेशानी ऐसे ही बनी रहेगी। – कमल प्रजापत, सहा इंजीनियर
