
इंदौर : दिग्गज नेताओं के बीच चली रस्साकशी के चलते होल्ड पर रखे गए बीजेपी इंदौर नगर व ग्रामीण अध्यक्ष के नाम घोषित कर दिए गए हैं। बीजेपी नगर अध्यक्ष के पद पर सुमित मिश्रा और जिलाध्यक्ष (ग्रामीण) पर श्रवण सिंह चावड़ा को नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। बता दें कि बीजेपी संगठन के 62 जिलों में से अधिकांश जिलों में अध्यक्ष पहले ही नियुक्त हो चुके थे। इंदौर नगर व ग्रामीण को लेकर पेंच फंसा हुआ था। नगर अध्यक्ष के लिए टीनू जैन और जिलाध्यक्ष के लिए चिंटू वर्मा का नाम कैलाश विजयवर्गीय खेमे से आगे बढ़ाया गया था सुमित मिश्रा का नाम विधायक मेंदोला ने आगे किया था। जिलाध्यक्ष के लिए अंतर सिंह दयाल के नाम पर मंत्री तुलसी सिलावट जोर दे रहे थे। इसके अलावा भी कई नाम चर्चाओं में थे। यही कारण रहा कि इंदौर नगर व ग्रामीण अध्यक्ष को लेकर फैसला नहीं हो पा रहा था। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का समय करीब आते देख अंततः संगठन को फैसला लेना पड़ा और सुमित मिश्रा को बीजेपी नगर और श्रवण सिंह चावड़ा को जिले (ग्रामीण)की कमान सौंप दी गई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय चाहते थे कि बीजेपी नगर व ग्रामीण के अध्यक्ष उनकी पसंद के हों पर ऐसा हो नहीं पाया। जिलाध्यक्ष के मामले में उनकी नहीं चली। वे चिंटू वर्मा को दुबारा अध्यक्ष नहीं बनवा पाए। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा यूं तो रमेश मेंदोला के खास हैं। गोलू शुक्ला, मधु वर्मा और महेंद्र हार्डिया से भी उनकी ट्यूनिंग अच्छी है। मेंदोला, गोलू शुक्ला और मधु वर्मा मंत्री विजयवर्गीय खेमे के ही माने जाते हैं, ऐसे में कैलाश विजयवर्गीय ये संतोष जता सकते हैं कि नगर अध्यक्ष का पद उनकी ही झोली में आया है पर असल में देखा जाए तो मुख्यमंत्री की सहमति के बाद ही नगर में सुमित मिश्रा और ग्रामीण में श्रवण सिंह चावड़ा की ताजपोशी हुई है।
