शर्मनाक आंकड़े :बच्चों के खिलाफ अपराध में इंदौर देश में चौथा

By Abhishek Raghuvanshi
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महिला अपराधों में भी शर्मिंदा
क्राइम कैपिटल की तरफ तो नहीं बढ़ रहा इंदौर


राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने 2023 के अपराधों की रिपोर्ट जारी की। बच्चों और महिला के खिलाफ अपराध में इंदौर ने फिर शर्मिंदा किया है। वर्ष 2021 में महिलाओं संबंधी 1794 अराध दर्ज किए थे, जो 2022 में बढ़कर 1809 व 2023 में 1919 पर पहुंच गए। हर दिन 5 महिलाओं के साथ अपराध दर्ज हो रहे हैं।
19 मेट्रोपॉलिटिन सिटी में बच्चों के खिलाफ अपराधों में इंदौर चौथे नंबर पर आया है। हमारे बाद जयपुर और अन्य शहर हैं। वर्ष 2021 में इंदौर में बच्चों के खिलाफ 1081 अपराध दर्ज किए गए थे, जो 2022 में 1082 और 2023 में बढ़कर 1236 हो गए। यानी हर दिन औसत 4 बच्चों के खिलाफ अपराध दर्ज हो रहे हैं।
अपहरण पर अंकुश ही नहीं
नाबालिग बच्चों के अपहरण के मामले में भी इंदौर आगे है। वर्ष 2021 में 694, 2022 में 674 और 2023 में बढ़कर 715 मामले दर्ज किए गए हैं। ये तब है जब इंदौर को अपहरण के मामले में हॉट स्पॉट पर रखा है। पुलिस की स्पेशल विंग बच्चों के अपहरण रोकने के लिए सक्रिय है।
1800 आवेदन, लेकिन केस सिर्फ 86
एनसीआरबी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में साइबर क्राइम के 37 मामले, 2022 में 47 व 2023 में 86 केस दर्ज हुए। जबकि प्रति माह 1800-2200 से ज्यादा शिकायतें पहुंचती हैं। मतलब साफ है कि ज्यादातर मामले पुलिस दर्ज नहीं कर रही है। जांच के नाम पर टाल रही है।
हर महीने 1800 आवेदन
रिपोर्ट अभी देखी नहीं है। यदि महिला और बच्चों से संबंधी अपराध बढ़े हैं तो उन पर कंट्रोल करने के लिए विशेष प्रयास करेंगे। – राजेश सिंह, एडि. सीपी मुख्यालय
इधर मध्य प्रदेश में…
अपराध दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा, अपराध रोकना चुनौती
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की अपराध दर राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में एमपी अब भी टॉप पर है और इंदौर-भोपाल जैसे बड़े शहर खतरनाक संकेत दे रहे हैं। 2023 में मध्यप्रदेश में कुल 4,07,622 अपराध (आईपीसी) दर्ज हुए। राज्य की अपराध दर 46.9 प्रति लाख आबादी रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 27.0 है। स्पेशल एंड लोकल लॉ (एसएलएल) अपराधों के 1,86,177 केस जोड़ने पर कुल संज्ञेय अपराध 5,93,799 हो जाते हैं।

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