
इंदौर के कुम्हार खाड़ी में फांसी लगाने वाली ट्रैफिक थाने की आरक्षक सुसाइड मामले में परिवार के लोगों ने पुलिस अफसरों से सही जांच की मांग की है। उनके मुताबिक बेटी इस तरह से आत्महत्या नहीं कर सकती थी। उन्होंने बताया कि रात में पिता से बात होने के बाद बड़े पापा के बेटे से भी बात की थी। जिसमें बाइक से एक-दो दिन में गांव जाने के लिए कहा था। उसने बताया कि उसकी खरीदारी भी पूरी हो गई है।
एमआईजी लाइन यातायात थाने में पदस्थ मानसी मुराड़िया के बडे़ पापा मुकेश ने बताया कि चार माह से वह सिर और पेट का उपचार करा रही थी। उसे लेकर वह काफी परेशान थी। करीब एक सप्ताह पहले ही परिवार के सब लोगों से मिली थी। मानसी का भाई महाराष्ट्र में पोस्ट ऑफिस में पदस्थ है। उससे गांव सुदरेल सतवास आने की बात हुई थी। मानसी ने अपने बड़े पापा के बेटे राज से कहा था कि वह बाइक से एक-दो दिन में गांव चलेगी। उसे 2 फरवरी को मौसी के यहां शादी में परिवार के साथ खंडवा जाना था। इसके बाद 17 फरवरी को भी रिश्तेदार के यहां शादी में जाना था। यह बात उसने थाने में भी बताई थी। थाने में भी सबको पता था कि मानसी ने शनिवार को शादी में जाने के चलते खरीदारी की है।
एसआई की कर रही थी तैयारी
मानसी काफी खुश मिजाज थी। वह एसआई (सब इंस्पेक्टर) की तैयारी भी कर रही थी। पहले वह फील्ड में काम कर रही थी। लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने के चलते कुछ माह पहले ही उसने थाने में अफसरों से बात कर अपनी ड्यूटी लगवा ली थी। उसका कहना था कि इसमें उसे पढ़ने में भी मदद मिल जाएगी।
आयुष को लेकर नहीं थी जानकारी
मानसी के कमरे पर रात में एक लड़के के जाने की बात आ रही है। बताया जाता है कि वह उसे अस्पताल में छोड़कर चले गया। लेकिन परिवार को सूचना नहीं थी। परिवार को उस लड़के को लेकर जानकारी नहीं है। इधर यातायात थाने पर आयुष के साथ दोस्ती की बात सामने आ रही है। वह पढ़ाई के दौरान उसका दोस्त बना था।
परिवार के मुताबिक आयुष को लेकर मानसी ने कभी उनसे कोई बात नहीं की। वह अकेले कमरा लेकर रह रही थी। उनके परिवार दो बच्चे भंवरकुआ इलाके में रह रहे है। जिसमें एक प्रतियोगी परीक्षा तो दूसरा बीएसएफ की तैयारी कर रहा है। परिवार के लोग रविवार को मानसी के शव को सुदरेल लेकर चले गए। परिवार ने बताया कि इंदौर पुलिस विभाग में उनके ओर भी रिश्तेदार है। उनकी अफसरों से सही जांच की बात हुई है।
