
इंदौर एक्सीडेंट का झूठ बोलकर कारों से मोबाइल और पैसे लूटने वाली गैंग फिर सक्रिय हो गई है। गैंग को दो दिन से लगातार तीन ईमली ब्रिज से मूसाखेड़ी चौराहे के बीच देखा गया है। यहां तीन बदमाश एक सफेद एक्टिवा पर घूम रहे हैं। उन्होंने एक कार सवार युवक से लूट का प्रयास किया। हालांकि, कार सवार के साथ पहले ही ऐसी वारदात हो चुकी है, इसलिए वह सचेत हो गया।
वाकया मूसाखेड़ी से तीन इमली चौराहे के बीच अरुण दीक्षित के साथ हुआ। दीक्षित ने बताया, मैं सोमवार दोपहर कार से तीन इमली तरफ जा रहा था। मूसाखेड़ी चौराहे के आगे डायवर्सन रूट पर पहुंचा। यहां कार धीमी करना होती है, तभी हरी शर्ट पहना युवक हाथ में थैली (संभवत: आलू रखे होंगे) लेकर आया और मेरी कार में पीछे से मार दी। फिर गिरने का नाटक करने लगा। मैं समझ गया ये गैंग है- मैंने मिरर में देखा और समझ गया कि ये गैंग है। जैसे ही आगे बढ़ा तो एक्टिवा पर तीन युवक, जिसमें हरी शर्ट वाला भी था मेरा पीछा करने लगे। उन्होंने मुझे तीन इमली ब्रिज के पास रोका।
मैंने गेट नहीं खोला, सिर्फ कांच हलका सा नीचे किया। एक्टिवा सवार आकर बोले आपने इन्हें टक्कर मार दी है। मैंने सख्ती से बात की तो वे अभद्रता करने लगे। फिर वे कोहिनूर कॉलोनी की तरफ भाग गए। रविवार को भी मैंने इन्हें इसी इलाके मे देखा था। पिछले साल हुई थी घटना- दीक्षित ने बताया, मेरे साथ पिछले साल एलआईजी लिंक रोड पर ऐसी ही घटना हो चुकी है। तब आरोपी मेरा मोबाइल ले गए थे। इसलिए मैं सचेत रहा। ये गैंग फिर से सक्रिय है।
सोमवार को हुई घटना के बाद मैं थाने गया, लेकिन आरोपी भाग चुके थे। जूनी इंदौर में लूट में अभी तक नहीं पकड़ाए हैं आशंका है कि ये वही बदमाश हैं, जिन्होंने मार्च के पहले हफ्ते में सिंधी कॉलोनी में कार सवार बुजुर्ग को रोककर 1900 रुपए लूटे थे। तब इन बदमाशों के फुटेज सामने आए थे, लेकिन तब से अभी तक इन्हें कोई पकड़ नहीं पाया है। इसी गैंग ने दूसरे दिन मूसाखेड़ी में एक ई-रिक्शा चालक को रोककर 300 रुपए लूटे थे।
