इंदौर में महिला के साथ 1 करोड़ 60 लाख रुपए की ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने नया खुलासा किया है। हाल ही में पकड़ाए दो आरोपियों ने पूछताछ में कई बातों का खुलासा किया है। अब इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम चीनी गैंग की तलाश में जुटी है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले में हाल ही में क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक पारस और दूसरा सौरभ था। दोनों से पूछताछ में बताया कि गैंग कैसे ठगी की वारदात को अंजाम देती है। इन दोनों का काम कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में इन दोनों को लेकर गए थे। उसके बाद लाओस में जहां से वारदात करते हैं। ये दोनों वहां भी गए थे। इनका रोल फाइंडर का था।
ये दोनों सोशल मीडिया पर जाकर लोगों को खोजने का काम करते थे। जिसके बाद ये तय करते थे किसे टारगेट करना है। इसके बाद दूसरी लेयर में चेटर रहते हैं। जो टारगेट किए गए लोगों के साथ चेट करते हैं और उन्हें अपने झांसे में लेते है। इसके बाद टीम लीडर, डायरेक्टर और सबसे ऊपर होता है बॉस। इस तरह की पूरी प्रक्रिया इनके द्वारा बताई गई।
16-18 घंटे कराते थे काम, करते थे प्रताड़ित
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इन लोगों से 16 से 18 घंटे काम कराया जाता था। अगर काम में कोई गलती हो जाती थी तो बॉस के द्वारा इन्हें प्रताड़ित भी किया जाता था। लाओस में जहां से सब ऑपरेट करते थे वहां पर एक डार्क रूम भी है। जहां पर गलती करने वाले को हाथ बांधकर कई दिनों रखा जाता था। कई घंटों तक खड़ा रखा जाता था। टारगेट पूरा नहीं होने पर कई ओर तरह की सजा भी दी जाती है। पूछताछ में उन्होंने चाइनीज स्कैमर लीजो का नाम बताया है। इन दोनों के मोबाइल से काफी डेटा भी रिकवर किया जा रहा है।
लीजों की मिली फोटो
दंडोतिया ने बताया कि मामले में दोनों आरोपियों के पास से स्कैमर लीजो की फोटो भी मिली है। भरत पोर्टल के माध्यम से इसमें आगे इन्वेस्टिगेशन के लिए निवेदन करेंगे। साथ ही जानकारी भेजी जाएगी। जिस तरह कंपनी में रैंकिंग होती थी, वैसा ही वहां भी होता था। बता दें कि इस मामले में क्राइम ब्रांच अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

