भाजपा नेता अक्षय बम और पिता के खिलाफ आरोप तय:जमीन विवाद में 18 साल पहले हमले के केस में कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था केस

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के भाजपा नेता और शिक्षण संस्थान संचालक अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम के खिलाफ 18 साल पुराने प्राणघातक हमले के मामले में गुरुवार को आरोप तय हो गए हैं। इसकी अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी। अक्षय बम लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस के सांसद पद प्रत्याशी का टिकट वापस कर अचानक भाजपा में शामिल होने के चलते चर्चा में आए थे। 4 अक्टूबर 2007 को अक्षय कांति बम, उनके पिता कांतिलाल बम और उनके साथी मनोज गुर्जर पर युनुस पटेल नामक किसान ने जमीन पर कब्जा करने और कांति बम की लाइसेंसी बारह बोर की बंदूक से फायर करने का केस दर्ज करवाया था। इस मामले में कनाडिया पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसमें प्राणघातक हमले की धाराएं नहीं जोड़ी गईं थी। इस पर पीड़ित युनुस पटेल ने कोर्ट की शरण ली थी और प्राणघातक हमले की धाराएं बढ़ाने की अपील की थी। मामले में उस समय मोड़ आया जब अक्षय बम को कांग्रेस ने 2024 में इंदौर लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया।
इसी बीच कोर्ट ने अक्षय बम, कांतिलाल बम और मनोज ठाकुर के खिलाफ 307 की धारा बढ़ाने के साथ ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। इसी दौरान अक्षय बम ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया और अचानक से भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन वापस ले लिया। फिर देर शाम मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा की सदस्यता ले ली।
तब बम ने अपने वकील के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए अपील की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से अक्षय बम को भगौड़ा घोषित करते हुए पूरे शहर में अक्षय बम को फरार बताते हुए 5 हजार रुपए का इनाम देने के पोस्टर भी लगाए थे।
जिला लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने बताया कि केस में आरोप तय हो गए हैं। अगली सुनवाई 30 अप्रैल तय की गई है। इसमें सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

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