इंदौर के लसूड़िया इलाके में गंभीर बीमारी से परेशान होकर हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र चौहान ने आत्महत्या कर ली। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे रेलवे ट्रैक पर उनका शव पड़ा मिला। किसी व्यक्ति के ट्रेन से कटने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जितेंद्र की शिनाख्त की। वे थोड़ी देर में आने का कहकर घर से निकले थे।
दो साल से थे बीमार, तनाव में थे
टीआई तारेश सोनी ने बताया कि घटना कैलाद हाला इलाके की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जितेंद्र चौहान पिछले दो वर्षों से कैंसर और शुगर की बीमारी से जूझ रहे थे और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इससे वह मानसिक तनाव में रहते थे।
कई थानों में कर चुके थे सेवा बीमारी के चलते ली थी छुट्टी
जितेंद्र पहले सेन्ट्रल कोतवाली थाने में पदस्थ थे और जावरा कंपाउंड क्षेत्र में रहते थे। बाद में वह स्कीम नंबर 114 में शिफ्ट हो गए थे। कुछ समय पहले उनका तबादला जोन 2 में हुआ था और डीसीपी एसआईटी टीम में भी सेवा दी थी। इसके बाद उनका ट्रांसफर कनाड़िया थाने में हुआ, लेकिन वहां वह केवल 10 दिन ही काम कर सके। बीमारी के चलते उन्होंने पुलिस लाइन में तबादला करा लिया था और छुट्टी पर चले गए थे।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
जितेंद्र चौहान अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए मॉर्चुरी भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।
