प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाइयों और जिला कांग्रेस अध्यक्ष पर धोखाधड़ी का केस

By Abhishek Raghuvanshi
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मध्‍य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाइयों और जिला कांग्रेस अध्यक्ष पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने राजस्व रिकार्ड में भी हेराफेरी की है। इसमें शासकीय अधिकारी व कर्मचारियों की भी सांठगांठ है। आरोपितों ने राजस्व अभिलेख में नरेंद्र मेहता के पिता के नाम पर पर्ची चिपका दी। वैध रिकार्ड को छिपा कर हेराफेरी की गई है।शिकायतकर्ता ने कहा फर्जी दस्तावेज बनाए।इसके आधार पर सारी जमीन हड़प ली गई।जब विरोध किया तो उल्‍टा हमें धमकाया।इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भरत, नाना और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव के विरुद्ध तेजाजी नगर पुलिस ने करोडों रुपये कीमती जमीन की धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। आरोपितों पर जबरदस्ती कब्जा करने,राजस्व अभिलेखों में जालसाजी करने,अवैध निर्माण करने का आरोप लगाया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(कानून)अमितसिंह के मुताबिक महावीर बाग कालोनी निवासी 74 वर्षीय नरेंद्र मेहता(जैन) द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी।सोमवार देर रात भरत पटवारी,नाना पटवारी और सदाशिव यादव के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318(4),308(5),329,351, और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया।पीड़ित नरेंद्र मेहता ने कथनों में बताया उसकी उमरीखेड़ी(खंडवा रोड़) में सर्वे नंबर 1,2,3,4 पर साढे 6.33 एकड़ जमीन है। इस जमीन की 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ कीमत है।मेहता ने पुलिस को बताया उक्त जमीन मूल रूप से होल्कर रियासत में दिवान नारायणराव पल्सीकर को इनाम के रूप में 27 जनवरी 1939 को प्रदत्त की गई थी। पल्सीकर तत्कालीन रियासत के सम्मानीय पदाधिकारी रहे है।

विरोध करने पर धमकाया

पल्सीकर द्वारा उक्त भूमि को नरेंद्र मेहता के पिता नवरत्नमल जैन ने विधि पूर्वक पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से दिनांक 9 मई 1960 में विक्रय संधि के माध्यम से 2 मई 1950 को बेच दी।विक्रय पत्र ऋण निपटान के तहत किया गया था। इसके बाद भूमि मेहता के कब्जे में रही। राजस्व संहिता 1959 की धारा 158 प्रभाव में आने पर भी उनका अधिकार रहा।29 मार्च 2025 को सदाशिव 20 लोगों के साथ आए और भूमि पर बल पूर्वक कब्जा कर लिया। विरोध करने पर उसने धमकाया और गालियां भी दी।नाना और भरत ने भी कब्जा कर लिया और अवैध रूम का निर्माण कर लिया।सोशल मीडिया(फेसबुक,इंस्टाग्राम) के माध्यम से पता चला कि आरोपित उक्त भूमि पर अवैध तरिकों से भूखंड का बिक्रय कर रहे है।इनके द्वारा लोगों से एडवांस रुपये भी ले लिए है। आरोपित आवेदक से कब्जा हटाने के बदले रुपयों की मांग कर रहे है।अधिकारियों से सांठगांठ कर राजस्व रिकार्ड में की हेराफेरीडीसीपी जोन-1 विनोद कुमार मीना के मुताबिक जांच में सामने आया कि आरोपितों ने राजस्व रिकार्ड में भी हेराफेरी की है। इसमें शासकीय अधिकारी व कर्मचारियों की भी सांठगांठ है। आरोपितों ने राजस्व अभिलेख में नरेंद्र मेहता के पिता के नाम पर पर्ची चिपका दी। वैध रिकार्ड को छिपा कर हेराफेरी की गई है।

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