
कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका में जो मुद्दे उठाए गए हैं, वे सभी पुलिसकर्मियों की सेवा-शर्तों से संबंधित हैं। यह पुलिस और सरकार के बीच का मामला है। पुलिसकर्मी सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हैं तो वे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट आ सकते हैं।
इंदौर। पुलिसकर्मियों को छुट्टियां, भत्ते, पेंशन और अतिरिक्त पेंशन जैसी सुविधाएं देने के आदेश देने की मांग करने वाली जनहित याचिका हाई कोर्ट ने निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि अगर पुलिसकर्मियों को कोई परेशानी है तो वे स्वयं याचिका दायर करें। हाई कोर्ट में यह याचिका वर्ष 2021 में दायर हुई थी। इसमें पुलिसकर्मियों के लिए सुविधाओं की मांग की गई थी।
मामले में युगलपीठ के समक्ष सुनवाई हुई
मामले में पहली सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई थी कि इसी तरह की एक याचिका हाई कोर्ट की मुख्य पीठ के समक्ष विचाराधीन है। उस वक्त कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा था कि वे मामले में जांच कर कोर्ट को बताएं। मामले में मंगलवार को युगलपीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
यह पुलिस और सरकार के बीच का मामला- कोर्ट
कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका में जो मुद्दे उठाए गए हैं, वे सभी पुलिसकर्मियों की सेवा-शर्तों से संबंधित हैं। यह पुलिस और सरकार के बीच का मामला है। पुलिसकर्मी सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हैं तो वे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट आ सकते हैं। याचिकाकर्ता को उनके मामले में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं, यह सार्वजनिक हित का मामला नहीं है।
