पालकों द्वारा चाहे जाने पर स्कूली बच्चों को टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) देना अनिवार्य- टीसी नहीं देने पर होगी कार्यवाहीकलेक्टर श्री आशीष सिंह ने आमजन से रूबरू होकर सुनी समस्याएं।जनसुनवाई सम्पन्न।

By Abhishek Raghuvanshi
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पालकों द्वारा चाहे जाने पर स्कूली बच्चों को टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) देना अनिवार्य- टीसी नहीं देने पर होगी कार्यवाही
कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने आमजन से रूबरू होकर सुनी समस्याएं।
जनसुनवाई सम्पन्न।
कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने जिले के सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे पालकों द्वारा चाहे जाने पर बच्चों को टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) अनिवार्य रूप से देवें। आवेदन पर टीसी नहीं देने वाले स्कूल संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है वे जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का पूर्ण गंभीरता के साथ सकारात्मक रूप से समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर कार्यालय में आज सम्पन्न हुई जनसुनवाई में कलेक्टर श्री आशीष ‍सिंह के समक्ष अग्रवाल पब्लिक स्कूल के कुछ पालक आये और उन्होंने बताया कि उनके बच्चों को स्कूल द्वारा टीसी नहीं दी जा रही है। कलेक्टर श्री सिंह ने जिला पंचायत सीईओ को इस मामले की जांच कर पालकों को नियमानुसार तुरंत टीसी दिलवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्याएं अन्य स्कूलों में भी नहीं होना चाहिए। जनसुनवाई में भूमि और प्लॉट संबंधी आवेदन भी बड़ी संख्या में आये। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि भूमाफियाओं के विरूद्ध इंदौर में लगातार कार्यवाही की जा रही है। अनियमितताएं और प्लॉट धारकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अनेक मामलों में दूरभाष पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर कार्यवाही के निर्देश दिये। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन नौकरी हेतु आवेदन लेकर आये, जिनके लिए संबंधित विभाग को कौशल विकास के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये। उन्होंने नागरिकों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनका संवेदनशीलता के साथ हाथों-हाथ निराकरण किया। ऐसी समस्याएं जो मौके पर निराकृत नहीं हो सकी, उनके निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई।
जनसुनवाई में आवास, संपत्ति, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, निजी भूमि पर अतिक्रमण, बीमार व्यक्ति को आर्थिक सहायता आदि संबंध में आवेदन आयें। जनसुनवाई में प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया। शेष प्रकरणों को तय समय-सीमा में निराकृत करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही जरूरतमंदों को इलाज, शिक्षा एवं रोजगार सहायता भी प्रदान की गई। निर्देश दिए गये कि जो प्रकरण मौके पर निराकृत नहीं हो सकते, उन्हें सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कर, समय-सीमा में सकारात्मक समाधान किया जाए। जनसुनवाई में आए हर आवेदन का फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी भी आवेदक को दोबारा परेशानी का सामना न करना पड़े। त्वरित निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों एवं मध्यस्थता केंद्रों को प्रेषित किए गए है ताकि निर्धारित समय-सीमा में इनका निराकरण हो सकें। जनसुनवाई में आज कलेक्टर कार्यालय में अपर कलेक्टरों और अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा आवेदकों की समस्याओं को सुना गया और उनका निराकरण किया गया।

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