नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह से 201 मामलों का हुआ निराकरण

By Abhishek Raghuvanshi
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2 करोड़ 38 लाख 39 हजार 178 राशि के अवार्ड पारित, 1038 पक्षकार लाभांवित
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री विजय कुमार शुक्ला के आदेशानुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत के समक्ष सिविल (एम.ए.सी.टी.), रिट, क्रिमिनल एवं अन्य प्रकृति के कुल 639 प्रकरणों को सुनवाई हेतु रखा गया था जिसमें से कुल 201 प्रकरण निराकृत किये जाकर लगभग राशि 2 करोड़ 38 लाख 39 हजार 178 रुपये के अवार्ड पारित हुए, उक्त प्रकरणों के निराकरण से 1038 पक्षकार लाभान्वित हुए।
वर्ष 2025 की चतुर्थ एवं अंतिम नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर के सभागार में न्यायाधिपति श्री बिनोद कुमार द्विवेदी एवं न्यायाधिपति श्री जय कुमार पिल्लई द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रिसिंपल रजिस्ट्रार श्री अनूप कुमार त्रिपाठी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री नीरज मालवीय, अध्यक्ष उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ श्री रितेश ईनानी, खण्डपीठ के सदस्य अधिवक्ता श्री नितिन सिंह भाटी, अधिवक्ता श्री अभय सारस्वत सहित अन्य अधिवक्तागण, बीमा कंपनियों के अधिकारीगण, उच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। न्यायाधिपतिगण द्वारा कांफ्रेंस हॉल में उपस्थित सभी व्यक्तियों को नेशनल लोक अदालत की अग्रिम शुभकामनाएं प्रेषित की गई।
नेशनल लोक अदालत में उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर की ओर से प्रकरणों को सुनवाई हेतु न्यायाधिपति श्री बिनोद कुमार ‌द्विवेदी, न्यायाधिपति श्री जय कुमार पिल्लई साहब की खण्डपीठों के समक्ष सुनवाई हेतु रखा गया, जिसमें खण्डपीठों द्वारा 201 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत के समक्ष सभी प्रकरणों को पक्षकारों के आवेदन पर ही निराकरण के लिए प्रस्तुत किए गए।

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