ग्वालियर जिले के घाटीगांव थाना क्षेत्र में मौजूद डांडाखिड़क के घने जंगल में हुई मुठभेड़ के दौरान दो खूंखार डकैतों का एनकाउंटर करने वाले इंदौर के वर्तमान एसीपी विवेक सिंह चौहान को 22 साल बाद राष्ट्रपति पुलिस पदक मिलने जा रहा है… दरअसल, इस वीरता सम्मान को पाने के लिए चौहान ने 22 साल की लम्बी लड़ाई कोर्ट में लड़ी है… खबरों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मेरिट के आधार पर विवेक सिंह चौहान को उक्त सम्मान देने का फैसला सुनाया… एसीपी चौहान पहले हाईकोर्ट की डबल बेंच में भी केस जीत चुके थे और सुप्रीम कोर्ट में उनकी पैरवी वरिष्ठ वकील मृगेंद्र सिंह, जयदीप कौरव और शांभवी श्रीवास्तव ने की..!
