जिला अस्पताल के दवा स्टोर की छत पर लाखों रुपए की अनुपयोगी, एक्सपायर्ड और उपयोगी दवाइयां गंदगी में पाए जाने के मामले में कलेक्टर आशीष सिंह ने स्टोरकीपर सत्यप्रकाश इंगले को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उनका मुख्यालय अब सीएमएचओ कार्यालय रहेगा। इसके साथ ही मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशुतोष शर्मा को सस्पेंड करने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव कमिश्नर को मंजूरी के लिए भेजा है।
शुक्रवार को एडीएम रघुवंशी ने अपनी टीम के साथ जिला अस्पताल में संचालित दवा स्टोर का निरीक्षण किया था। इस दौरान छत पर कार्टन, काले और नीले पॉलीथिन में भरकर भारी मात्रा में दवाएं फेंकी हुई मिली थी। ये दवाएं जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजी जानी थी लेकिन खुले में पड़ी रहने से ये खराब हो रही थी। स्टाफ का कहना था कि सभी दवाएं एक्सपायर्ड हैं लेकिन जांच में पता चला कि कई दवाएं अभी भी उपयोग की स्थिति में हैं। कुछ दवाइयां 2024 में एक्सपायर्ड हुई जबकि कई 2025, 2026, 2027 और 2028 तक वैध है। अधिकांश दवाइयां 2022-23 में बनी थी जिससे स्पष्ट है कि इन्हें कभी वितरित ही नहीं किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये दवाइयां कोविड काल की बची हुई है। सीएमएचओ ने बताया कि इसे दिसंबर 2024 में नष्ट करने के निर्देश दिए थे लेकिन व्यस्तता के चलते नहीं किए गए। इसके लिए कमेटी भी गठित की गई है। सीएमएचओ ने माना कि स्टोर इंचार्ज ने समय पर इसे नष्ट नहीं करवाया। जांच के तहत स्टॉक रिकॉर्ड और खरीद लॉग की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये दवाइयां वितरित क्यों नहीं की गई।
