कैंडल लाइट डिनर तो सुना था, कैंडल लाइट परीक्षा पहली बार हुई

By Abhishek Raghuvanshi
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एनटीए की ओर से तर्क रखा गया कि गिनती के अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कर 22 लाख अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता। गुरुवार को करीब डेढ घंटा बहस सुनने के बाद युगल पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इस फैसले के जारी होने के बाद ही नीट यूजी की अंतिम रैंकिंग तय होगी।
मप्र हाई कोर्ट की एकलपीठ के दोबारा परीक्षा कराने के आदेश को एनटीए ने दी है युगल पीठ में चुनौती।
इंदौर में बारिश व आंधी से केंद्रों पर परीक्षा बाधित होने के तर्क पर छात्रों ने की है दोबारा परीक्षा की मांग।
परीक्षा के दिन इंदौर केंद्रों पर जोरदार बारिश और आंधी के कारण पूरे शहर की बिजली गुल हो गई थी।
इंदौर। भारी बारिशऔर आंधी से इंदौर में जिन 75 अभ्यर्थियों की परीक्षा प्रभावित हुई, उनके लिए दोबारा नीट यूजी आयोजित होगी या नहीं, गुरुवार को इसे लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ के समक्ष बहस पूरी हो गई। सभी पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले हाई कोर्ट की एकलपीठ ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को आदेश दिया था कि जिन अभ्यर्थियों ने तीन जून से पहले याचिका दायर की थी, उनकी दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
इस फैसले को चुनौती वाली एनटीए की याचिका पर रोक लगाकर युगलपीठ ने इस मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था।
गुरुवार को बहस के दौरान अभ्यर्थियों की तरफ से तर्क रखा गया- एनटीए खुद स्वीकार रहा है कि प्रभावित सेंटरों पर मोमबत्ती और इमरजेंसी लाइट उपलब्ध करवाए गए थे।
सवाल यह है कि अगर पर्याप्त रोशनी थी तो फिर मोमबत्ती उपलब्ध क्यों करवानी पड़ी? अब तक कैंडल लाइट डिनर तो सुना था, कैंडल लाइट परीक्षा पहली बार सुन रहे हैं।
परीक्षा के दौरान गुल हो गई थी बिजली
बता दें कि एनटीए ने गत चार मई को पूरे देश में नीट यूजी आयोजित की थी।
इंदौर में इसके लिए 49 सेंटर बनाए गए थे।
परीक्षा के दिन इंदौर में जोरदार बारिश और आंधी के कारण पूरे शहर की बिजली गुल हो गई थी।
कई केंद्रों में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी।
परीक्षा के दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर 75 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की थी।
मद्रास हाई कोर्ट खारिज कर चुका है।
दोबारा परीक्षा की मांग एनटीए के वकील तुषार मेहता ने हाई कोर्ट को बताया कि मद्रास हाई कोर्ट नीट यूजी दोबारा आयोजित करने की मांग खारिज कर चुका है।
राजस्थान में भी ऐसी याचिका दायर हुई थी, लेकिन वहां भी इसे खारिज कर दिया गया।
देशभर में 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने नीट यूजी दी थी। इसमें इंदौर के 27264 अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें से सिर्फ 75 ने ही अव्यवस्था को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
एनटीए ने इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने भी माना कि परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने से कोई असर नहीं पड़ा।
इंदौर के एक छात्र ने देशभर में दूसरी रैंक हासिल की है, जबकि उसने उसी केंद्र से परीक्षा दी थी, जिसे प्रभावित बताया जा रहा है।
वहीं, अभ्यर्थियों की ओर से तर्क रखा गया कि एनटीए एक ही स्तर के दो परीक्षा पेपर तैयार करता है। परीक्षा केंद्र और अन्य संसाधन भी तैयार हैं, बावजूद इसके एनटीए दोबारा परीक्षा करवाने से क्यों बच रहा है।

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