कंजर गिरोह से ट्रेनिंग लेकर 34 गाड़ियां चुराईं, चेसिस और इंजन नंबर बदलकर बेच दीं

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर पुलिस ने एक पांच सदस्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने 34 बाइक चोरी की थीं। आरोपियों ने देवास के कुख्यात कंजरों से ट्रेनिंग ली थी और चोरी के वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की बाइक और नंबर बदलने के उपकरण बरामद किए हैं।
मॉल, होटल, कोचिंग सेंटर, अस्पताल जैसे स्थानों पर रेकी करते थे।
जैसे ही कोई बाइक खड़ी करके जाता, तुरंत उसे चुरा लेते थे।
ग्राहक की डिमांड के अनुसार बाइक और रंग उपलब्ध करवाते थे।
इंदौर। लसूड़िया पुलिस ने पांच सदस्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह से लाखों रुपये कीमती 34 बाइक बरामद हुई हैं। बदमाशों ने देवास के कुख्यात कंजरों से ट्रेनिंग ली थी। कंजर पूरे देश में चोरी करते हैं। बदमाश उसी तर्ज पर बाइक चुराकर खंडहर, खेतों में छुपा देते थे। आर्डर लेकर ग्राहक को गाड़ी सुपुर्द करते थे। बदमाशों ने चोरी के वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर बदलना भी सीख लिया था।
टीआई तारेश कुमार सोनी को कुछ जगह के सीसीटीवी फुटेज मिले थे। बदमाश कंजरों की तरह मिनटों में बाइक का लाक तोड़ देते थे। इंटरनेट मीडिया पर फुटेज बहुप्रसारित कर सबसे पहले 13 जुलाई को आरोपित अभिषेक पुत्र कमलसिंह मालवीय व कैलाश उर्फ गोलू पुत्र मांगीलाल मालवीय दोनों निवासी कुमारिया बनवीर पीपलरावां (देवास) को स्कीम-136 से पकड़ा।
कंजरों से वाहन चुराने की ट्रेनिंग ली
आरोपियों से चोरी की बाइक (बुलेट) और एक चाकू मिला। पुलिस को चकमा देने के प्रयास में दोनों बदमाशों के हाथ-पैर टूट गए। पूछताछ में आरोपित कैलाश ने बताया कि वह मांगलिया में रहने लगा है। अभिषेक चिमनबाई स्कूल के पास प्रेमनगर देवास में रहने आ गया। दोनों ने पीपलरावां के कंजरों से वाहन चुराने की ट्रेनिंग ली है।
दो साल से देवास, उज्जैन व इंदौर में वाहन चोरी कर रहे हैं। चोरी की गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर भी बदल देते थे। गिरोह में शामिल जितेंद्र उर्फ जैनपालसिंह सैंधव निवासी तालोद सोनकच्छ, राहुल मालवीय निवासी कुमारिया बनवीर और अनिल पानवार निवासी टुंगनी के नाम बताए।
बाइक का लॉक तोड़कर डायरेक्ट स्टार्ट कर लेते थे बदमाश
टीआई के अनुसार बदमाश शातिर हैं। मॉल, होटल, कोचिंग सेंटर, अस्पताल जैसे स्थानों पर रेकी करते थे। बाइक खड़ी करते ही उसे निशाना बनाते थे। पैर से लाक तोड़ देते थे। धकेलकर दूर ले जाते और वायर काटकर डायरेक्ट स्टार्ट कर लेते थे। चोरी के बाद उस गाड़ी को सार्वजनिक पार्किंग स्थल में रखते थे। इसके बाद सुनसान जगह, खंडहरों और खेतों में छुपा देते थे। जैसे ही आर्डर मिलता उस जगह से बाइक निकाल लेते थे।
आरोपित जितेंद्र ग्राहक ढूंढने का काम करता था। ग्राहक की डिमांड अनुसार उसी मॉडल और रंग का वाहन उपलब्ध करवाया जाता था। जितेंद्र वाहन बिकवाने के बदले कमीशन लेता था। पुलिस ने आरोपितों के चेचिस और इंजन नंबर बदलने के उपकरण, ग्राइंडर, पत्तियां, छैनी, हथौड़ी, गैस लाइटर, धातु पर नंबर लिखने की मशीन, अंकों तथा अल्फाबेट लिखावट की डाई भी जब्त की है।

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