इंदौर के पास सांवेर रोड पर दंपती और उनके दो बेटे को विधायक गोलू शुक्ला की बस ने सामने की तरफ से टक्कर मार दी थी। गुरुवार शाम एम्बुलेंस से चारों का शव ओंकारेश्वर के पास गोल गांव पहुंचा। यहां पूरे गांव की आंखें दंपती और उनके बेटे के शवों को देखकर गमगीन हो गईं। शाम करीब साढ़े 7 बजे शवों को घर से मुक्तिधाम ले जाया गया। यहां चारों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
इंदौर उज्जैन के बीच रिंगनोदिया ग्राम के यहां शुक्ला ब्रदर्स की बस नंबर MP 09 FA 6390 ने बाइक पर इंदौर आ रहे महेन्द्र सोलंकी उनकी पत्नी जयश्री सोलंकी,बेटे जिगर और तेजस को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस हादसे में महेन्द्र,जयश्री और जिगर की मौके पर मौत हो गई थी। गंभीर घायल तेजस ने दूसरे दिन अरबिंदों अस्पताल में दम तोड़ दिया। गुरुवार को चारों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ था।
यहां शाम करीब 7 बजे के लगभग जब शव गांव में पहुंचा तो सभी स्तब्ध थे कि गांव में हंसी-खुशी इंदौर जाने वाला परिवार किस तरह से अर्थी के रूप में आया है। इसके बाद शवों को आधे घंटे घर पर रखकर उनका मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। यहां पर उनके भाई के बेटे ने सभी को मुखाग्नि दी।
दो भाई आए थे इंदौर
महेन्द्र अपने एक अन्य भाई के साथ कई साल पहले इंदौर आ गए थे देवगुराड़िया के यहां वह चाय की दुकान चलाते थे। उनका मूसाखेड़ी इलाके में घर भी बन रहा था। जिसमें दो दिन पहले ही वहां छत भराई थी। उनका एक भाई निजी कंपनी में काम करता है। वहीं दो भाई गांव में रहते हैं। परिवार किसानी के काम से जुड़ा है। भाई ने बताया कि दोनों बच्चो के गुरुवार को पेपर थे। इसलिए महेन्द्र जल्दबाजी में अपने घर के लिए निकल गए। उनके रिश्तेदारों ने बारिश होने के चलते उन्हें रोका था। महेन्द्र की बुआ भोपाल में शांत हो गई थी। उनके गमी के लिए वह अपने रिश्तेदार के साथ शामिल होने पहुंचे थे। बाद में बाइक लेकर पत्नी और बच्चों के साथ वापस इंदौर आ रहे थे।
