
इंदौर में जिला प्रशासन ने फिर 11 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। इन कॉलोनाइजर ने अवैध कॉलोनियों में 14.593 हेक्टेयर में 230 प्लॉट अवैध तरीके से बेच डाले। इन प्लॉटों की कीमत 50 करोड़ से ज्यादा है। इसके पूर्व भी जिला प्रशासन द्वारा करीब 35 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। दरअसल कलेक्टर आशीष सिंह के आदेश पर अपर कलेक्टर गौरव बैनल ने जिले में अवैध कॉलोनियां काटकर जमीन बेचने वालों की जांच कराई थी। इसके बाद 100 से ज्यादा केस अपर कलेक्टर कोर्ट में रजिस्टर्ड किए गए। इसके बाद इन केसों की सुनवाई चली। ताजा मामले में अपर कलेक्टर की कोर्ट ने 11 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
इनके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश
महू में गांव डोंगरगांव में धवत कविश्वर ने सबसे ज्यादा 112 प्लॉट बेच डाले। गवली पलासिया में सुदेश, सुनीलम, अनिल यादव ने और राजेश कुलमी, विष्णु कुलमी ने प्लॉट बेचे। बड़गोंदा गांव में मोहन जाट, सोहनलाल जाट ने प्लॉट बेचे, सिमरोल में महेंद्र पिता रामकिशन ने प्लॉट बेचे। वहीं, खरडाखेड़ा गांव में सतगुरुदास सत्संगी ने प्लॉट बेचे।
बडगोंदा गांव में ही दिनेश गुर्जर, मुकेश गुर्जर, बसंत गुर्जर, सजनबाई, सोनू उर्फ सोनी वाई, रवि गुर्जर, राहुल गुर्जर ने प्लॉट बेचे। ऐसे ही भिचौली हप्सी ग्राम बिहाडिया में राजकुमार भसारे, असरावदखुर्द गांव में मनोज, मंदीप, नरेंद्र, महेंद्र सिंह, जामन्याखुर्द गांव में राजेश यादव, रामभरोसे गुर्जर ने अवैध प्लॉट बेच दिए।
इसमें सनावदिया में अतुल अग्रवाल पर 27 प्लॉट काटने पर, जामन्याखुर्द में अनिल पिता श्याम पर 33 प्लॉट काटने, मोरोद नेहरू में आशीष वर्मा द्वारा 26, विहाड़िया में वासुदेव भागीरथ द्वारा 17, उमरिया खुर्द में रामनारायण द्वारा 16 प्लॉट काटकर बेच दिए गए।
