इंदौर में प्लॉट सौदे में धोखाधड़ी, दी धमकी:डॉक्टर और साथी ने लिए 36 लाख, रजिस्ट्री से किया इनकार

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के मूसाखेड़ी इलाके में एक प्लॉट की बिक्री के नाम पर 36 लाख रुपए लेकर रजिस्ट्री न करने के मामले में एक डॉक्टर और उनके साथी के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर सुधीर खेतावत और रामकृष्ण अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आजाद नगर पुलिस के अनुसार, ब्रजेश्वरी एक्सटेंशन स्कीम नंबर 140 मेन रोड निवासी ऋषभ बापना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अक्षर धारम समिति मूसाखेड़ी में एक प्लॉट 36 लाख रुपए में खरीदा था। सौदा तय होने के बाद पूरी रकम आरोपियों को दे दी गई, लेकिन उन्होंने प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई। बार-बार टालने के बाद अब आरोपियों ने धमकी देना शुरू कर दिया।
डॉ. सुधीर खेतावत, निवासी वायएन रोड, नीलकमल टॉकीज कंपाउंड रोड और उनके साथी रामकृष्ण अग्रवाल, निवासी जलवायु विहार सेक्टर कंपाउंड रोड के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकाने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पहले पिता ने खरीदा था प्लॉट, अब बेटे को मिलना था कब्जा
पीड़ित ऋषभ बापना प्रॉपर्टी से जुड़ा काम करते हैं। उन्होंने बताया कि यह प्लॉट उनके पिता ने अमृता गृह निर्माण संस्था के माध्यम से खरीदा था। पिता की मृत्यु के बाद यह संपत्ति उनकी मां के नाम हो गई। लेकिन उनकी तबीयत भी खराब रहने लगी, तो प्लॉट की रजिस्ट्री और कब्जे को लेकर उन्होंने डॉक्टर सुधीर खेतावत से संपर्क किया।
डॉक्टर खेतावत ने शुरू में टालमटोल की और बाद में कहा कि प्लॉट के मालिक रामकृष्ण अग्रवाल की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए रजिस्ट्री में देरी हो रही है। लेकिन जब कुछ दिन पहले ऋषभ ने दोबारा संपर्क किया, तो डॉक्टर खेतावत ने उन्हें जान से मारने की धमकी दे दी।
आजाद नगर थाना पुलिस ने पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि रकम लेने के बाद रजिस्ट्री क्यों नहीं की गई और क्या इस मामले में और लोगों से भी इसी तरह की धोखाधड़ी की गई है।

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