इंदौर में नाश्ता व महंगे खिलौने और किताबों का लालच देकर बच्चों के मतांतरण का प्रयास

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर में एक ईसाई समूह पर आरोप लगाया गया है कि वह हिंदू बच्चों को महंगे उपहार और मुफ्त इलाज के लालच देकर ईसाई बनाने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है और आठ अन्य लोगों की तलाश जारी है।
ईसाई समूह ने बच्चों को महंगे उपहार और मुफ्त इलाज का लालच दिया।
पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार किया, आठ अन्य लोगों की तलाश जारी।
मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
इंदौर। इंदौर शहर के धार कोठी रहवासी संघ ने रविवार को सैकड़ों बच्चों के मतांतरण की साजिश नाकाम कर दी। क्रिश्चियन मशीनरी के कार्यकर्ता बस्तियों में रहने वाले परिवारों के बच्चों को मेडिकल परीक्षण के बहाने एकत्र करने के बाद नाश्ता, महंगे खिलौने, किताबें, रुपयों और नौकरी का प्रलोभन देकर ईसाई बना रहे थे। पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल आठ अन्य लोगों को तलाशा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, बच्चों ने बताया कि उन्हें भगवान राम और कृष्ण की पूजा बंद करने की सलाह दी जा रही थी। उन्हें क्रूस के प्रतीक देकर प्रार्थना करवाई जा रही थी। कहा गया कि तुम अब प्रभु यीशु के घर जा रहे हो। तुम लोग आज से यीशु के बच्चे हो।
महिलाओं ने पहले भी इस तरह के कैंप लगना स्वीकारा
यीशु ही हम सब के भगवान हैं। उपहार की तरफ इशारा कर कहा कि तुम यीशु को भगवान मान लोगे तो यह सब तुम्हें मिलेगा। अच्छी पढ़ाई, माता-पिता को रुपये का लालच भी दिया गया। पुलिस के मुताबिक, महिलाओं ने पूर्व में भी इस तरह के कैंप लगाना स्वीकारा है।
इंदौर की संयोगितागंज थाने के एसआई अरविंद खत्री के मुताबिक, रविवार को सुबह 10 बजे से बच्चों को एकत्र करना शुरू कर दिया गया था। उन्हें धार कोठी कॉलोनी के एक नंबर बगीचे में कतारबद्ध बैठाया गया। बच्चों के सामने ढेर सारी किताबें, खाने-पीने की सामग्री, कोल्ड ड्रिंक, खिलौने आदि रखे, ताकि बच्चे उनका कहा माने।
गुमराह करने की कोशिश की
कुछ रहवासियों को भीड़ देखकर शक हुआ और बच्चों को समझाने वाली महिलाओं से पूछताछ की। महिलाओं ने गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि वह तो बच्चों को मेडिकल परीक्षण के लिए लेकर आई हैं, लेकिन उनके स्वजन ने सच्चाई बता दी कि बच्चों को इस बहाने ईसाई बनने को प्रलोभन दिया जा रहा है।
हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी भी पहुंच गए। संयोगितागंज थाने से पुलिस बुलाई गई। शीला, अंशुमान, फ्रांसिना और प्रभा को गिरफ्तार कर लिया। उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा तीन एवं पांच के तहत केस दर्ज किया है।
शासकीय योजना और मुफ्त इलाज के लालच में हिंदू बन रहे ईसाई
मतांतरण के खेल में बड़ी संख्या में हिंदू युवक और महिलाएं भी शामिल हो गई हैं। ईसाई मशीनरी से जुड़े कुछ लोगों द्वारा उन्हें रुपयों का लालच, शासकीय योजना का लाभ, बच्चों की पढ़ाई और मुफ्त इलाज का झांसा देकर जाल में फंसाया गया है।
महिलाओं के मध्य प्रदेश घरेलू कामकाजी ट्रेड का कार्ड बना देते हैं। ईसाई धर्म स्वीकारने के बाद महिलाएं इंदौर के राजेंद्रनगर, निरंजनपुर, रिंग रोड, राजेंद्रनगर, आजादनगर, खुड़ैल, गांधीनगर, बाणगंगा, लसूड़िया मोरी क्षेत्र में घूमकर गरीब बस्तियों के बच्चों को ईसाई बनाने के लिए एकजुट करती हैं।

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