
इंदौर में आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट(Indore Outer Ring Road) के खिलाफ किसानों ने गुरुवार को सात घंटे का प्रदर्शन किया। किसानों की मांग है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण न किया जाए। इस प्रोजेक्ट में 1400 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे 2200 किसान प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन।
प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर विवाद।
किसानों को मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन दिया।
इंदौर। आउटर रिंग रोड व पूर्वी-पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण में किसानों की अधिगृहीत की जा रही जमीन के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के तहत सैकड़ों किसान गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पर जुटे और विरोध प्रदर्शन किया।
इन प्रोजेक्ट में करीब 1400 हेक्टेयर जमीन का अधिगृहीत की जा रही है। इससे 2200 किसान प्रभावित हो रहे थे। यही वजह है कि गुरुवार दोपहर 11 बजे किसान बाइक से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शाम सात बजे तक निर्वाचन आयोग के स्ट्रांग रूम के सामने फुटपाथ पर बैठ विरोध प्रदर्शन किया।
सर्वे पर रोक की बात कही
शाम छह बजे अपर कलेक्टर रोशन राय मिलने पहुंचे और उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का आश्वासन व आउटर रिंग रोड के सर्वे पर फिलहाल रोक की बात कही, तब किसानों ने प्रदर्शन खत्म किया।
भारतीय किसान संघ के इंदौर जिला प्रचार प्रमुख राहुल मालवीया के मुताबिक पिछले कई महीनों से हमने आउटर रिंग रोड व पूर्वी-पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण के लिए किसानों की ली जा रही जमीन को लेकर तहसील स्तर पर ज्ञापन दिया, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सड़कों के आसपसा सर्विस रोड बनेगी
अपर कलेक्टर ने शाम को कुछ मांगें मानी हैं। वे हमें मुख्यमंत्री से मिलवाएंगे। आउटर रिंगरोड के सर्वे पर फिलहाल रोक रहेगी। इन सड़कों के आसपास सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।
अंडरपास पर भी किसानों की सहमति से बनाए जाएंगे। हमारी मांग है कि अधिगृहीत की जा रही जमीन पर किसानों को बाजार भाव से चार गुना मुआवजा दिया जाए या फिर किसानों की सहमति के बगैर जमीन न ली जाए।
