इंदौर के प्रशासन की शानदार पहल – 40 करोड़ की जमीन पर मंदिर के नाम पर कब्जे का खेल बिगाड़ा

By Abhishek Raghuvanshi
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जनसुनवाई में मिली शिकायत पर कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई

कलेक्टर आशीष सिंह को जनसुनवाई में मिली शिकायत के आधार पर पारित कार्यवाही की गई । इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने मंदिर के नाम पर 40 करोड रुपए की जमीन पर कब्जा करने का खेल बिगाड़ दिया है ऐसा बताया जाता है कि इस खेल में इंदौर के बड़े भू-माफिया शामिल थे । जिला प्रशासन व नगर निगम की टीम ने कल संयुक्त रूप से कार्रवाई कर ग्राम पिपल्याहाना के सर्वे नंबर 644 रकबा 4.905 चरनोई की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटा दिया है। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया है कि हल्का पटवारी ग्राम पिपल्याहाना द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था कि ग्राम पिपल्याहाना स्थित भूमि खसरा क्रमांक 644 शासकीय चरनोई मद में दर्ज है। उक्त भूमि के पैकि रकबा 0.093 हेक्टेयर पर दो पक्के चबूतरे बनाकर उन पर मूर्ति स्थापित कर व शौचालय, टीनशेड बनाकर अतिक्रमणकर्ता के द्वारा अतिक्रमण किया गया । कल की कार्रवाई के माध्यम से सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इस जमीन का बाजार मूल्य 40 करोड़ से भी अधिक है। जांच में यह भी बात सामने आई कि वर्ष 2019 में भी अवैध कब्जे का प्रयास किया गया था एवं स्थानीय रहवासियों के अनुसार यहां कच्चा शमशान था जो कि राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय चरनोई की मद में दर्ज है। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम घनश्याम धनगर के द्वारा मौके पर जाकर की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र के नागरिकों में प्रसन्नता है। इन नागरिकों का कहना है कि यदि एक बार जमीन पर कब्ज हो जाता तो फिर क्षेत्र में कई समस्याएं पैदा होती।

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