◆ जोन के सभी जिलों में वर्ष 2024 में घटित अपराधों की बिंदुवार समीक्षा कर नए वर्ष में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने, संपत्ति सम्बन्धी अपराधों पर अंकुश लगाने, महिला संबंधी अपराधों, एसटी/एससी प्रकरणों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दिए दिशा-निर्देश।
◆ जिला अलीराजपुर में वर्ष 2015 से 2024 के बीच विभिन्न थानों में दर्ज संपत्ति संबंधी अपराधों में गिरफ़्तार हुए आरोपियों की जानकारी वाली पुस्तक का विमोचन भी किया गया। जिसमें 30 मुख्य अपराधियों को भी सूचीबद्ध किया गया है।
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दिनांक 29.01.2025 को श्री अनुराग, पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण ज़ोन, इंदौर द्वारा कार्यालय में संभाग स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें डीआईजी इंदौर ग्रामीण रेंज – श्री निमिष अग्रवाल, डीआईजी निमाड रेंज- श्री सिद्धार्थ बहुगुणा एवं ज़ोन के समस्त जिलों के पुलिस अधीक्षकगण जिनमें इंदौर (ग्रामीण) एसपी – श्रीमती हितिका वासल, धार एसपी-श्री मनोज कुमार सिंह, झाबुआ एसपी- श्री पद्मविलोचन शुक्ल, अलीराजपुर एसपी- श्री राजेश व्यास, खंडवा एसपी- श्री मनोज राय, खरगोन एसपी- श्री धर्मराज मीणा, बड़वानी एसपी- श्री जगदीश डाबर, बुरहानपुर एसपी – श्री देवेंद्र पाटीदार उपस्थित हुए। समीक्षा बैठक में आई.जी. श्री अनुराग द्वारा जोन के प्रत्येक जिले
में वर्ष 2024 में घटित अपराधों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने शरीर संबंधी अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, चिन्हित अपराध, महिला संबंधी अपराधों के लंबित प्रकरणों, सायबर फ्रॉड प्रकरणों आदि की समीक्षा कर उनके निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
- हत्या एवं लुट के ऐसे अपराध जिनमें अब तक अपराधी ज्ञात नहीं हुए हैं उनकी पतारसी के लिए पुलिस अधीक्षकों को पुनः प्रयास करने के लिए निर्देशित किया। नकबजनी के अपराधों में पतारसी के विशेष प्रयास करने हेतु निर्देशित किया।
- सम्पत्ति संबंधी अपराधियों की नियमित रूप से जांच हो जिससे चोरी, नकबजनी, लूट आदि अपराधों पर नियंत्रण लग सकें।
- दुपहिया वाहनों, चार पहिया वाहनों की चोरी रोकने के लिए बाजार में नियमित रूप से पुलिस पेट्रोलिंग कराई जाएं। जिन स्थानों पर अधिकांशतः चोरी होती हो, वहां सीसीटीवी कैमरा चालू हालत में हो, यह देखा जाए।
- महिला संबंधी अपराधों में शासन के निर्देशों के अनुरूप समयावधि में कार्यवाही पूर्ण कर चालान प्रस्तुत किए जाने एवं आरोपियों को सजा मिले, न्यायालय पेंडिंग चल रहे अपराधों में मॉनिटरिंग कर कन्विकशन का प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया।
- गुम इंसान विशेषकर गुम बालिकाओं की खोजबीन के लिए परिवारजनों से पुनः जानकारी ली जाकर नए सिरे से पतारसी के लिए प्रयास करने हेतु निर्देशित किया गया ।
- नेशनल साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल (NCRP) को थाना स्तर पर संचालित करने के लिए थानों पर सायबर सेल का गठन कर तकनीकी रूप से दक्ष आरक्षकों को तैनात किया गया है। सायबर संबंधी शिकायतों पर थाना स्तर पर ही दर्ज करने, शिकायत को NCRP पोर्टल पर दर्ज कर फ्रॉड में राशि होल्ड करवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही पीड़ित फ्रॉड होने की दशा में तुरंत थाने आए इस हेतु जागरूकता फैलाने हेतु निर्देशित किया। सायबर धोखाधड़ी के जिन मामलों में तुरंत शिकायत की जाती है उनमें पीड़ित को धोखाधड़ी में गई राशि होल्ड होकर पुनः मिलने की संभावना अधिक होती है। सायबर मामलों में प्राथमिकता से कार्यवाही की जाएं।
- उद्घोषित अपराधियों की समीक्षा कर उनको पकड़ने के लिए अभियान चलाकर विशेष प्रयास करने हेतु निर्देशित किया गया।
- अवैध गौवंश परिवहन एवं संगठित अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गौवंश तस्करी के अपराधों में लिप्त अपराधियों के वाहन को राजसात कराए जाने की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया।
- पुलिस थानों में जप्त शराब के नियमानुसार नष्टीकरण के लिए निर्देशित किया गया।
- पुलिस थानों में पकड़े गए अपराधियों एवं न्यायालय द्वारा सजायाबी अपराधियों के 100% फिंगरप्रिंट लिए जाने एवं नेफिस पोर्टल पर उनके रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए निर्देशित किया गया।
- एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट आदि में मामलों में आदतन आरोपियों के विरुद्ध जिलबदर की कार्यवाही की जाए।
- चिन्हित प्रकरणों के मामलों में प्राथमिकता मॉनिटरिंग कर प्रभावी कार्यवाही की जाएं।
- समन, वारंट की तामिली हेतु अभियान चलाकर कार्यवाही की जाएं।
लंबित शिकायतों की समीक्षा कर तत्परता से निराकरण किए जाने एवं आगामी समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के संबंध में पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
- एससी/एसटी एक्ट से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अनुसंधानात्मक कार्यवाही के साथ-साथ राहत प्रकरणों को निर्धारित समय अवधि में सहायक आयुक्त कार्यालय से समन्वय स्थापित कर राहत राशि वितरण के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया।
- सायबर अपराधों की समीक्षा कर आईजी द्वारा कहा गया कि साइबर फ्रॉड के प्रकरणों में तत्परता से कार्यवाही की जावे। जिससे वित्तीय धोखाधड़ी में गए रूपए को वापस पीड़ित को दिलाये जा सके । जिलों द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड के अपराधों पीड़ितों को राशि वापस कराए जाने के अच्छे प्रयासों की सराहना की गई।
आई जी महोदय द्वारा जिला अलीराजपुर में वर्ष 2015 से 2024 के बीच विभिन्न थानों में दर्ज संपत्ति संबंधी अपराधों में गिरफ़्तार हुए आरोपियों की जानकारी वाली पुस्तक का विमोचन भी किया गया। जिसमें 30 मुख्य अपराधियों को भी सूचीबद्ध किया गया है।
