अलफलाह यूनिवर्सिटी जांच के दायरे में:महू के जवाद की यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे 4 आतंकी डॉक्टर

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार टेरर मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों के खुलासे के बाद हरियाणा की अलफलाह यूनिवर्सिटी गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। चर्चा इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि इस यूनिवर्सिटी की स्थापना मप्र के महू निवासी जवाद अहमद सिद्दीकी ने की थी, जो 1993 में महू छोड़कर हरियाणा चला गया था। उसके परिवार का पैतृक घर आज भी महू के कायस्थ मोहल्ले में मौजूद है, लेकिन वर्षों से बंद पड़ा है।
पिछले तीन दिनों से यह मकान जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। जवाद के पिता शहर काजी भी रह चुके हैं, पर अब किसी को नहीं पता कि जवाद कहां है। जवाद ने 12वीं महू से पास की और बीई इंदौर से किया। बाद में वह इंदौर के इंजीनियरिंग कॉलेज में 5 वर्ष तक पढ़ाता रहा।
इसके बाद वह हरियाणा चला गया, जहां उसने कुछ राजनीतिक नेताओं से संपर्क बनाकर अलफलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना की। आरोप है कि इसी आधार पर उसे लाखों की फंडिंग भी मिली।
आधा परिवार दुबई शिफ्ट,चिटफंड लिंक की भी जांच : जवाद के एक भाई के खिलाफ महू पुलिस का वारंट लंबित है। उस पर लाखों के चिटफंड घोटाले में शामिल होने का आरोप है। संदेह है कि चिटफंड के इन पैसों का उपयोग यूनिवर्सिटी की स्थापना में किया गया। जवाद का आधा परिवार दुबई में पहले शिफ्ट हो चुका है। मुनीम खालिक बाउजी भी एक इन्वेस्टमेंट कंपनी बनाकर लोगों से निवेश के नाम पर पैसा ले चुका था।
डॉक्टरों के टेरर लिंक ने अल फलाह की बढ़ाई मुश्किलें : अलफलाह यूनिवर्सिटी में अध्यापन करने वाले 4 डॉक्टर (डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. सज्जाद अहमद और डॉ. उमर नबी) का नाम दिल्ली धमाके से जुड़ा है। इनमें से डॉ. उमर ब्लास्ट में मारा गया।
मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. निसार-उल-हसन को 2023 में जम्मू-कश्मीर के एलजी ने ‘टेरर लिंक’ के कारण बर्खास्त किया, फिर भी वह अलफलाह में भर्ती हो गया।
अलफलाह ईडी के घेरे में, फॉरेंसिक ऑडिट होगा: इस केस में सुर्खियों में आई अलफलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसने लगा है। केंद्र सरकार ने ईडी को यूनिवर्सिटी के बैंक खातों का फॉरेंसिक ऑडिट करने को कहा है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने अलफलाह यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर मान्यता को लेकर जवाब मांगा है। विश्वविद्यालयों के संगठन भारतीय विश्वविद्यालय संघ ने अलफलाह की सदस्यता रद्द कर दी है।

Exit mobile version