अफीम के फर्जी केस पर हाई कोर्ट ने कहा:पूरे थाने की मिलीभगत है… एसपी आकर बताएं हकीकत

By Abhishek Raghuvanshi
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मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ पुलिस का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। 18 साल का एक युवक मंदसौर से प्रतापगढ़ सफर कर रहा था। तभी बस में तीन-चार लोग चढ़े और युवक को पकड़कर ले गए। बस में सीसीटीवी फुटेज लगे थे, जिसमें पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। युवक को जब पकड़ा तो वह खाली था।
बाद में युवक को मल्हारगढ़ थाने ले जाकर उस पर दो किलो 700 ग्राम से अधिक अफीम रखने का केस बना दिया। युवक ने जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी लगाई तो पूरा घटनाक्रम उजागर हो गया। कोर्ट ने जमानत का लाभ देते हुए कहा- इस घटना में पूरे थाने की मिलीभगत होने के संकेत मिल रहे हैं। कोर्ट ने एसपी विनोद मीणा को 9 दिसंबर को सुबह 10.30 बजे हाजिर रहकर पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
बस के सीसीटीवी फुटेज में खाली हाथ दिख रहा युवक
18 वर्षीय सोहनलाल 29 अगस्त, 2025 को बस में सफर कर रहा था। सोहन ने अधिवक्ता हिमांशु ठाकुर के जरिए जमानत अर्जी लगाई। इसमें उल्लेख किया कि जब बस को रोका तो उसमें सोहन खाली हाथ बैठा हुआ था। सादे कपड़ों में आए लोग सोहन को गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए।
उस दिन के सभी फुटेज और वीडियो भी कोर्ट में देखे गए। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने जमानत आदेश में उल्लेख किया कि मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टाफ की मिलीभगत दिख रही है। इस पर एसपी को हाजिर रहकर पूरी स्थिति साफ करने के लिए कहा है।
वहीं, पुलिस की ओर जमानत के विरोध में कहा गया है कि हमारी कार्रवाई सही है।

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