भोपाल। राज्यभर में पुलिस महकमे में जमे-जमाए अफसरों की अब खैर नहीं। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश जारी किया है कि किसी भी थाने में चार साल या उससे अधिक समय से पदस्थ आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 जून 2025 तक इन सभी कर्मचारियों का तबादला हर हाल में कर दिया जाए।
स्पेशल डीजी (प्रशासन) आदर्श कटियार द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट निर्देश हैं कि तबादले की जानकारी समयसीमा के भीतर पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किन पर लागू होगा यह आदेश?
आदेश उन सभी आरक्षकों, प्रधान आरक्षकों, सहायक उपनिरीक्षकों और उपनिरीक्षकों पर लागू होगा जो लगातार 4 साल या उससे अधिक समय से एक ही थाने में तैनात हैं। इसमें इंदौर और भोपाल के पुलिस कमिश्नरेट, जबलपुर और भोपाल रेल पुलिस, तथा प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को शामिल किया गया है।
PHQ का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित होती है। इसीलिए यह कदम उठाया गया है, जिससे थाना स्तर पर कामकाज में सुधार हो और जनता को बेहतर पुलिस सेवा मिल सके।
PHQ रखेगा सीधी निगरानी
हर जिले से तबादले की रिपोर्ट सीधे पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी। इस रिपोर्ट में स्पष्ट विवरण दिया जाना अनिवार्य होगा कि किस पुलिसकर्मी को कहाँ से हटाकर कहाँ भेजा गया। इस प्रक्रिया पर PHQ की टीम कड़ी निगरानी रखेगी।
नजरें अब थाना प्रभारियों पर
अब नजर इस बात पर है कि थाना प्रभारियों और स्थानीय पुलिस अधीक्षकों की ओर से किन नामों को हटाया जाता है और क्या तबादले वास्तव में निष्पक्ष तरीके से होते हैं या सिर्फ दिखावे तक सीमित रहते हैं।
