दो दिन बाद आधे प्रदेश में शुरू हो सकता है झमाझम बारिश का सिलसिला

By Abhishek Raghuvanshi
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25 मई से दो जून तक नौतपा के समय में भी बारिश होने के बढ़े आसार

उसके प्रभाव से अब रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला शुरू हो सकता है।

अन्य क्षेत्रों में भी बादल छाने के साथ बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है।

मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि 21 मई को अरब सागर के कर्नाटक तट पर एक चक्रवात बनने जा रहा है, जो अगले दिन कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर गुजरात की तरफ बढ़ेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के आधे से अधिक शहरों में वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। इस वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट भी दर्ज होगी।
इस मौसम के बीच रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। प्रदेश में कहीं भी लू का प्रभाव नहीं रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हुई।

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प्रमुख रूप से इंदौर में 33.9, बैतूल में 17.4, उज्जैन में 8.6, छिंदवाड़ा में आठ, नरसिंहपुर में पांच, नौगांव में 4.8, भोपाल में 1.4, सीधी में एक, सिवनी में 0.6, नर्मदापुरम में 0.4 और गुना में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।
इस दौरान सिंगरौली में 76 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। बुरहानपुर एवं बालाघाट में ओले भी गिरे।

वर्तमान में मध्य हरियाणा एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र से लेकर बांग्लादेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। पश्चिमी विदर्भ और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी गुजरात और उससे लगे अरब सागर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि 21 मई को अरब सागर के कर्नाटक तट पर एक चक्रवात बनने जा रहा है, जो अगले दिन कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर गुजरात की तरफ बढ़ेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के आधे से अधिक शहरों में वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। इस वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट भी दर्ज होगी।

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