इंदौर में अवैध वसूली करने वाली गैंग ने पुलिसकर्मी बनकर एक युवक को पकड़ लिया। घंटों तक कार में बंधक रखा और लाखों रुपये की USDT व 50 हजार रुपये वसूल कर लिए। सूचना पर क्राइम ब्रांच सक्रिय हुई और चार बदमाशों को एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को शक है इस गैंग में क्रिप्टो करंसी, फोरेक्स ट्रेडिंग और एडवाइजरी फर्म से जुड़े लोग भी शामिल है।
युवक को अगवा कर पुलिसवालों ने रिश्वत में USDT वसूली
क्राइम ब्रांच ने तोड़बट्टे के बहाने बुलाकर 4 को ढाबे से पकड़ा
रिहाई के एवज में 50 हजार रुपये कैश भी वसूल कर लिए
इंदौर। अवैध वसूली करने वाली गैंग ने पुलिसकर्मी बनकर एक युवक को पकड़ लिया। घंटों तक कार में बंधक रखा और लाखों रुपये की USDT व 50 हजार रुपये वसूल कर लिए। सूचना पर क्राइम ब्रांच सक्रिय हुई और चार बदमाशों को एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को शक है इस गैंग में क्रिप्टो करंसी, फोरेक्स ट्रेडिंग और एडवाइजरी फर्म से जुड़े लोग भी शामिल है।
पुलिस ने चार बदमाशों को पकड़ा
घटना की शुरुआत अन्नपूर्णा और द्वारकापुरी थाना क्षेत्र की है। स्नेह पुत्र राजेश परमार के साथ ठगी की गई है। पुलिस ने दीपक तिवारी और अमन लोहिया सहित चार बदमाशों को पकड़ा है। साठ फीट रोड़ निवासी स्नेह ट्रेडिंग संबंधित काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात दो बदमाश घर आए थे। दोनों ने स्वयं को क्राइम ब्रांच में पदस्थ होना बताया और घर की तलाशी ली। आरोपितों ने अवैध काम करने का आरोप लगाया और स्नेह के मोबाइल जब्त कर पूछताछ के लिए कार (एमपी 13जेडजे 5950) में बैठा कर ले गए।
5 हजार 700 से ज्यादा USDT ट्रांसफर किए
आरोपितों ने स्नेह के फोन की जांच की और उसके USDT अकाउंट से 5 हजार 700 से ज्यादा USDT अपने ई-वालेट में ट्रांसफर कर ली। इतना ही नहीं स्नेह से रिहाई के एवज में 50 हजार रुपये कैश भी वसूल कर लिए। दोबारा रुपयों की मांग करने पर स्नेह के पिता राजेश परमार ने अफसरों को घटना बताई और चारों आरोपितों को लसूड़िया थाना क्षेत्र के एक ढाबे से गिरफ्तार करवा दिया। पुलिस ने कार और रुपये बरामद कर लिए है। आरोपितों के खिलाफ क्राइम ब्रांच थाना में केस दर्ज किया गया है।
बंधक बनाकर गलियों में घुमाया, वीडियो बनाकर छोड़ा
स्नेह ने पुलिस को बताया और आरोपियों के संबंध में जानकारी दी, उसने बताया कि आरोपी पूछताछ के बहाने कार से द्वारकापुरी, चंदननगर क्षेत्र की गलियों में घुमाते रहे। इस दौरान आरोपित स्वयं को क्राइम ब्रांच अधिकारी बता रहे थे। आरोपितों ने छोड़ने के पहले स्नेह का एक वीडियो बनाया जिसमें उससे माफी मंगवाई गई। दोबारा रुपये की मांग करने पर राजेश ने अफसरों को घटना बता दी। एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया ने क्राइम ब्रांच के एसआइ फतेहसिंह आंजना की टीम को स्नेह के साथ भेजा। अफसर पहले असली पुलिसकर्मी ही समझते रहे। तस्दीक करने के निर्देश मिलें और तोड़बट्टे के लिए क्राइम ब्रांच वाले भी स्नेह के साथ पहुंचे और चार आरोपितों को लसूड़िया क्षेत्र के एक ढाबे से पकड़ लिया
