डिप्टी कमिश्नर सरवटे के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू का छापा, 5.90 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति उजागर

By Abhishek Raghuvanshi
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जबलपुर। आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच में आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है।मंगलवार को जबलपुर, सागर और भोपाल में स्थित उनके ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। करीब 10 घंटे तक चली इस कार्रवाई में सरवटे और उनके परिजनों के पास से करीब 5 करोड़ 90 लाख रुपए की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है।
ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सरवटे के पास उनकी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति है, जिसमें जमीन, मकान, नगद, और लग्जरी सामान शामिल हैं। यही नहीं, उनके पास से 56 महंगी शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं। जांच में यह भी पता चला है कि उनकी मां और भाई के नाम पर भी करोड़ों की अचल संपत्ति दर्ज है।

कई जिलों में फैली संपत्ति-:
डिप्टी कमिश्नर सरवटे ने अधिकांश समय जबलपुर में सेवाएं दी हैं और हाल ही में उनका स्थानांतरण सागर किया गया है। वे वर्तमान में आदिम जाति कल्याण विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं और जबलपुर के परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते हैं।

तीन टीमों ने की कार्रवाई-:
ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत उनके खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया था। इसके बाद जबलपुर, भोपाल और सागर में स्थित उनके सरकारी और निजी ठिकानों पर छापा मारा गया। कार्रवाई के लिए जबलपुर की तीन और सागर की एक टीम गठित की गई थी।

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ईओडब्ल्यू की कार्रवाई फिलहाल जारी है और अनुमान है कि जांच पूरी होने पर बेहिसाब संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों और बैंक लेन-देन की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

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