जीतू यादव को जिलाबदर करने की तैयारी, समर्थकों के 22 ठिकानों पर पुलिस की दबिश

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर पुलिस ने भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर में तोड़फोड़ और हमला करने वाले 22 आरोपितों के ठिकानों पर दबिश दी। आरोपितों में कई निगमकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपितों को चिह्नित किया और उनके ठिकानों पर छापेमारी की।
कमलेश कालरा के घर हुए हमले में पुलिस जीतू को षड्यंत्र का आरोपित मान रही है।
पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर 22 आरोपितों को चिह्नित कर सूची बना ली।
कार्रवाई के दौरान भाजपा नेताओं से जुड़े लोगों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की।
भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर में तोड़फोड़ और हमला करने वाले 22 आरोपितों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। भाजपा से निष्कासित पार्षद जीतू यादव समर्थक आरोपितों में कई तो निगमकर्मी हैं। इधर पुलिस जीतू यादव को जिलाबदर करने की तैयारी में है। दो डीसीपी की निगरानी में हुई छापेमारी से परदेशीपुरा, कुलकर्णीनगर, रुस्तम का बगीचा और भागीरथपुरा में हडकंप मच गया। एक ज्वेलरी शोरूम में तो भाजपा नेताओं से जुड़े लोगों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की।
22 आरोपितों की लिस्ट बनाई
शनिवार सुबह पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर 22 आरोपितों को चिह्नित कर सूची बना ली। डीसीपी (जोन-2)अभिनय विश्वकर्मा और डीसीपी (जोन-4) ऋषिकेश मीणा ने परदेशीपुरा और एमआइजी थाने की खुफिया टीम से आरोपितों के मकान-दुकान और उठक-बैठक के अड्डों की रैकी करवा कर एक साथ दबिश दी।
परदेशीपुरा एसीपी (आईपीएस) नरेंद्र रावत, टीआई पंकज द्विवेदी के साथ खुद लालगली (परदेशीपुरा) पहुंचे और जीतू के करीबी लोकेश प्रजापत के घर की तलाशी ली। पुलिस ने पुताई करते हुए लोकेश नामक एक युवक को पकड़ा तो मगर उसने इस घटना में शामिल होने से मना कर दिया।
भागीरथपुर पुल पर जमा हो गई भीड़
इस दौरान भागीरथपुरा पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद एसीपी नंदानगर (तीन पुलिया) स्थित कमलदीप मार्केट पहुंचे और आरोपित सोनू बैस उर्फ सोनू सूरवीर की तलाश की। सोनू के पिता का सोना-चांदी व्यवसाय है और तीन पुलिस पर उनकी कमलदीप ज्वेलर्स के नाम से दुकान है।
पुलिस ने दो मंजिला मकान की तलाशी ली और सोनू के भाई उदय को हिरासत में लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद दुकान बंद करवा दी। सोनू के स्वजन ने दबाव बनाने के लिए भीड़ एकत्र कर उदय को पकड़ने का विरोध भी किया।
जीतू पर मारपीट-जुएं के 11 केस, रासुका की तैयारी
पुलिस जीतू को षड्यंत्र का आरोपित मान रही है। मौके पर मौजूद नहीं रहने के कारण सीधे आरोपित नहीं बनाया है। गिरफ्तार आरोपितों के कथन, आडियो रिकार्डिंग और काल डिटेल के आधार पर उसका नाम जोड़ा जाएगा। इधर पुलिस ने जीतू पर दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड भी निकाल लिया है।
उसके विरुद्ध मारपीट,जान से मारने की धमकी, जुआं एक्ट, लोक संपत्ति की नुकसानी, बलवा के 11 मामले मिले हैं। पहला अपराध 1999 में परदेशीपुरा थाने में दर्ज हुआ था। जीतू पर आखिरी केस 2019 में दर्ज किया गया था। जीतू की गिरफ्तारी के पहले रासुका(राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) व जिलाबदर की फाइल तैयार होगी।
पुलिस को इनकी है तलाश
पुलिस ने धनराज उर्फ धन्ना राय, धीरज शिवजीत शिंदे, नवीन राजेंद्र शर्मा, आशीष अशोक मालवीय, संपत नेमीचंद यादव, मिथुन डागर, अभि उर्फ अभिलाष यादव, नितिन अड़गले, देवेंद्र सरोज, सोनू सूरवीर, गोलू आदिवाल, दिलीप बसवाल, नाथु काला, लोकेश प्रजापत, संतोष केमिया,परमजीत उर्फ पम्मी तोमर, विशाल गोस्वामी, दीपू काका, बंटी भोरुड़े, पिंटू शिंदे, अक्षय दुबे और बंटी ठाकुर की तलाश की है।

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