इंदौर,23 अगस्त,2025
आत्मा परियोजना एवं कृषि महाविद्यालय इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में “कृषि सखी” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्राकृतिक खेती पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण का समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद श्री शंकर लालवानी ने अपने संबोधन में कहा कि “प्राकृतिक कृषि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है जो मिट्टी, जल और पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए किसानों की आय में वृद्धि कर सकती है। ‘कृषि सखी’ जैसे कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को नेतृत्व प्रदान करते हैं और समाज में स्थायी परिवर्तन की नींव रखते हैं।”
कृषि महाविद्यालय इंदौर के डीन डॉ.भारत सिंह ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा “आज जब जलवायु परिवर्तन, रसायनों के अत्यधिक प्रयोग और मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रश्न उठ रहे हैं, ऐसे समय में प्राकृतिक कृषि समाधान बनकर उभरती है। परियोजना संचालक (आत्मा) शर्ली थॉमस ने कहा- “कृषि सखियाँ अब सिर्फ प्रशिक्षित महिलाएं नहीं, बल्कि गांवों में प्राकृतिक कृषि की पथप्रदर्शक बनेंगी। हमारा उद्देश्य उन्हें इस योग्य बनाना है कि वे अपने समुदायों में बदलाव ला सकें। नोडल अधिकारी डॉ.दीक्षा ने कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा “यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस तरह से तैयार किया गया था कि महिलाएं न केवल प्राकृतिक कृषि को समझें,बल्कि उसे व्यवहार में भी उतार सकें।”
कार्यक्रम में श्री नवीन शुक्ला (डीपीएम) एवं श्रीमती अल्पना वर्मा (डीपीडी) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और प्रशिक्षण के आयोजन तथा महिला सहभागिता की सराहना की। समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रही कृषि सखियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि यह प्रशिक्षण उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाने वाला रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ.संजय दुबे ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्री अमर दीक्षित द्वारा किया गया।
