
रामनवमी पर आज (6 अप्रैल) श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ है। घरों में भी श्रीराम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। रामनवमी पूजा के लिए ज्योतिषाचार्यों ने सुबह 11 बजे से 1.39 बजे तक विशेष मुहूर्त बताया है।
भारत में आज रामनवमी का उत्सव मनाया जा रहा है। अयोध्या में रामलला का वैज्ञानिक तरीके से सूर्य तिलक होगा। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ है। आइए जानते हैं रामनवमी पर पूजा की आसान विधि…।
ज्योतिषाचार्यों ने इस बार रामनवमी पूजा के लिए ढाई घंटे (सुबह 11 बजे से 1.39 बजे तक) का विशेष मुहूर्त बताया है। इस मुहूर्त में भगवान राम की पूजा विशेष फलदायी मानी गई है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, भगवान राम का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए मध्याह्न मुहूर्त में ही उनकी पूजा की जानी चाहिए।
राम नवमी पूजा मुहूर्त (Ram Navami Puja Muhurat)
राम नवमी पर रामलला की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त पर पूजा करना विशेष फलदायी होता है। राम नवमी पूजा के लिए 6 अप्रैल को सुबह 11.8 मिनट से दोपहर 1.39 मिनट तक विशेष मुहूर्त है। राम नवमी का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11 बजकर 7 मिनट से दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इस दौरान ही भगवान राम की पूजा करें।
राम नवमी के दिन सुबह उठकर स्नान ध्यान करें और साफ कपड़े पहनें। फिर मंदिर की साफ सफाई करें और भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू करें। इससे पहले हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें और भगवान का आह्वान करें। फिर मूर्तियों को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं। नए वस्त्र और आभूषण अर्पित करें। फल, फूल, मिठाई, पंजीरी और खीर का भोग लगाएं।
पूजा में तुलसी दल जरूर शामिल करें। धूप, दीप और कपूर से आरती करें। इस दौरान “ॐ श्री राम जय राम जय जय राम”, “राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत् तुल्यं राम नाम वरानने॥ का जाप करें। फिर रामचरितमानस या रामायण का पाठ करें। भगवान राम की भावपूर्ण आरती करें और पूजा में हुई भूल-चूक के लिए माफी मांगें।
