
हाई कोर्ट ने एक धर्मस्थल हटाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। साथ ही, याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि अगर अवैध धार्मिक निर्माणों से परेशानी थी, तो सभी को चुनौती दी जानी चाहिए थी, न कि सिर्फ एक को। जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने पाया कि याचिकाकर्ता उस इलाके का निवासी भी नहीं है।
उसने सिर्फ इसी धर्मस्थल को हटाने की वजह नहीं बताई। कोर्ट ने इसे निजी स्वार्थ से प्रेरित मानकर अस्वीकार कर दिया। याचिकाकर्ता को 25 हजार रुपये विधिक सहायता सेल में जमा करने होंगे।
