
एमजी रोड पुलिस ने बैंक अधिकारी बनकर लोन देने के नाम पर ठगी करने के मामले में केस दर्ज किया है। पीड़िता के अनुसार, दिसंबर 2024 में उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर संपर्क किया था। इसके बाद फर्जी अधिकारी ने महिला से पैसे ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एमजी रोड पुलिस ने प्रियंका पति उमेश लाड़, निवासी स्नेहलतागंज, के खिलाफ ठगी के मामले में केस दर्ज किया है। प्रियंका ने बताया कि 22 दिसंबर को उनकी नौकरानी भारती ने उन्हें इंस्टाग्राम पर एक वीडियो दिखाया, जिसमें लोन देने की बात कही गई थी।
वीडियो में एक नंबर दिया गया था। उसी दिन शाम को भारती ने प्रियंका के घर पहुंचकर अपने मोबाइल से उस नंबर पर कॉल किया और प्रियंका की बात कराई। कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को महेंद्र सिंह परिहार और धनी फाइनेंस का अधिकारी बताया।
पहले 1250 जमा कराए, ऐसे करते 3 लाख ठग लिए
महेंद्र ने आधार और पैन कार्ड की जानकारी व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। कुछ देर बाद उसने भारती के नंबर पर कॉल कर बताया कि वेरिफिकेशन हो गया है और इसके लिए 1250 रुपए फीस जमा करनी होगी। भारती के खाते में पैसे नहीं होने के कारण प्रियंका ने अपने खाते से पैसे भेजे। इसके बाद भारती के खाते से बताए गए नंबर पर पैसे ट्रांसफर किए गए।
कुछ समय बाद महेंद्र परिहार ने फिर कॉल किया और जीएसटी के लिए 3100 रुपए मांगे। पहले तो प्रियंका ने पैसे देने से मना कर दिया, लेकिन महेंद्र ने दो दिन में लोन अप्रूव होने की बात कही। बाद में उसने टीडीएस टैक्स और अन्य कारणों से अलग-अलग बार पैसे मांगे। इस तरह महेंद्र ने अलग-अलग बहाने बनाकर प्रियंका के खाते से करीब 3 लाख रुपए ठग लिए।
जब 4 जनवरी तक लोन पास नहीं हुआ, तो प्रियंका ने अपने भाई प्रतीक को मामले की जानकारी दी। प्रतीक ने इसे एक स्कैम बताया। इसके बाद सायबर पोर्टल पर शिकायत की गई। सायबर सेल ने मामले को एमजी रोड थाने भेजा, जहां केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
