“फाइलों से निकलकर फैसलों तक: कलेक्टर शिवम वर्मा की TL बैठक में सुशासन ने ली ज़मीनी शक्ल”

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर में प्रशासन अब केवल फ़ाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीनी शिकायतों पर तेज़ और निर्णायक कार्रवाई की पहचान बना चुका है। दिनांक 22 दिसंबर 2025 को आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने यह साफ़ कर दिया कि आदेशों की अवहेलना, लापरवाही और जनता को अनावश्यक भटकाने की प्रवृत्ति पर अब समझाइश नहीं, सीधी कार्रवाई होगी। बैठक में विभिन्न शिकायतों पर लिए गए फैसले यह दर्शाते हैं कि इंदौर में सुशासन केवल नारा नहीं, बल्कि सख़्त प्रशासनिक संकल्प है।

🎯 अनुशासन– नायब तहसीलदार के आदेश दिनांक 16.08.25 का अमल न करने पर ग्राम शिवनी, तहसील खुड़ैल के पटवारी को निलंबित किया गया। पूरे प्रकरण की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुभाग खुड़ैल से कराने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह संदेश स्पष्ट है कि आदेश केवल काग़ज़ पर नहीं, ज़मीन पर उतरने चाहिए।

🎯 जवाबदेही – ग्राम लिम्बोदगारी, जनपद देपालपुर में पात्रता पर्ची के परीक्षण का सत्यापन समय पर नहीं करने पर संबंधित सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में देरी सीधे तौर पर जवाबदेही तय करेगी।

🎯न्यायप्रियता – कॉलोनी बेटमा नगर परिषद से नाम नहीं काटे जाने के कारण नगर पालिका खाचरौद में नाम नहीं जुड़ पाने के मामले में विलंब पर संबंधित उपयंत्री पर ₹5000 का अर्थदंड लगाया गया, साथ ही कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। प्रशासनिक शिथिलता का मूल्य अब आर्थिक दंड से भी चुकाना पड़ेगा।

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🎯 संवेदनशीलता – अस्थाई विद्युत कनेक्शन कटवाने के बाद सुरक्षा निधि की वापसी में लगभग 90 दिनों की देरी पाए जाने पर विद्युत विभाग के हेड ऑफिस को पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। यह पहल दर्शाती है कि आम नागरिक की छोटी-सी राशि भी प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।

इन सभी फैसलों के केंद्र में कलेक्टर शिवम वर्मा की वह कार्यशैली है, जिसमें स्पष्ट निर्देश, समयबद्ध कार्रवाई और बिना भेदभाव के निर्णय शामिल हैं। उनकी TL बैठकों की पहचान अब केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे प्रशासनिक शुद्धिकरण का मंच बन चुकी हैं।

कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व में यह संदेश साफ़ है कि जो जनता के हक़ में खड़ा है, वही प्रशासन के साथ है, और जो लापरवाह है, उसके लिए इंदौर में अब कोई जगह नहीं।

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