वन विभाग के भ्रष्ट एसडीओ कृष्णा निनामा ने वन मंडल की इंदौर रेंज की कंपेल बीट में पौधे लगाने के लिए कागजों में 10 हजार गड्ढे खोद डाले। और तो और इनकी सुरक्षा के लिए सीमेंट के खंभे व तार फेंसिंग भी कागजों में ही कर डाली। जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो न गड्ढे मिले, न फेंसिंग। लोकायुक्त पुलिस ने एसडीओ निनामा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया है। कुल 27 लाख 86 हजार रुपए का भ्रष्टाचार एसडीओ निनामा, डिप्टी रेंजर और तत्कालीन बाबू ने किया था।
एडवोकेट शंकर नाईक ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त संगठन में की थी। बाकायदा इंदौर रेंज में सूचना का अधिकार लगाकर कंपेल में क्षतिपूर्ति पौधारोपण किए जाने की जानकारी मांगी थी। पहले तो रेंज द्वारा जानकारी देने में आनाकानी की जाती रही, लेकिन फिर इसकी शिकायत सूचना आयुक्त से की गई तो जानकारी मुहैया कराई गई। सत्यापित दस्तावेजों के साथ लोकायुक्त में शिकायत की गई। एसपी डॉ. राजेश सहाय के मुताबिक दस्तावेजों की जांच के बाद प्राथमिक रूप से गड़बड़ी मिलने पर एसडीओ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सिर्फ घास का मैदान मिला कंपेल में एसडीओ ने कागजों में जंगलों के लहलहाने की रिपोर्ट तैयार कर भोपाल तक भेज दी थी। सूचना के अधिकार में 27 लाख 86 हजार खर्च हो जाने की जानकारी मिली। वहीं विभाग में भी शिकायत की गई थी तो राज्य स्तरीय टीम गठित की गई थी। इस टीम ने पाया कि मौके पर केवल घास के मैदान हैं। एक भी पौधा नहीं मिला। गर्मी में घास भी सूख गई थी।
चोरल में भी रही भूमिका
विगत मार्च-अप्रैल में चोरल रेंज में भी दो हजार से ज्यादा पेड़ काटे जाने की खबर सामने आई थी। सीसीएफ ने संभाग स्तरीय जांच दल गठित किया था। इस जांच दल ने भी कटाई होना पाया था। खास बात यह है कि एसडीओ ने प्रभावित इलाकों का दौरा करना कागजों में बताया था, जबकि वह मौके पर गए नहीं। लाखों रुपए डीजल कागजी दौरों के दिखाकर वह पैसा भी हड़प लिया था। वहीं चोरल रेंजर में भी भूमिका संदिग्ध मिली थी। वह भी इंदौर में रहकर चोरल रेंज चला रहे थे।
अपने कार्यकाल में सर्वाधिक जब्त गाड़ियां भी छोड़ीं
एसडीओ निनामा ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा अवैध लकड़ी का परिवहन करने वाली गाड़ियां भी छोड़ी हैं। विगत जनवरी से मई तक 12 गाड़ियां जो उड़नदस्ते ने पकड़ी थीं। उन्हें नियमानुसार राजसात किया जाना था, उन्हें मामूली सा आर्थिक दंड देकर छोड़ दिया गया।
