ठगी का मामला:कमर दर्द ठीक करने के बहाने शूज कारोबारी के परिवार को सम्मोहित कर डेढ़ लाख ठगे

By Abhishek Raghuvanshi
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कमर दर्द ठीक करने का झांसा देकर बदमाशों द्वारा शहर के शूज कारोबारी के परिवार को सम्मोहित कर डेढ़ लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है।
घटना सुदामा नगर में रहने वाले 64 वर्षीय शंकरलाल गोविंदानी के साथ हुई। उन्होंने बताया 27 जनवरी को वे जिम कर घर लौट रहे थे। रास्ते में एक्टिवा सवार दो युवक मिले। उन्होंने पता पूछा। फिर बातों में उलझाकर कहा कि आपको चलने में दिक्कत है। कारोबारी ने साइटिका बीमारी के दर्द की बात कही तो एक बदमाश ने कहा मेरी मां को भी ये तकलीफ थी।
उन्हें अहमदाबाद के एक डॉक्टर ने बिना मेडिसिन के 7 दिन में उनकी तकलीफ दूर कर दी। इसके बाद दोनों ने उन्हें अपनी मां का नंबर भी दिया। अगले दिन शाम को उनकी मां बनकर एक महिला ने फोन किया और इलाज के लिए अहमदाबाद के डॉक्टर बताकर नबंर दे दिया। 27 जनवरी को सुबह अहमदाबाद से डॉक्टर का कर्मचारी बनकर एक शख्स ने कारोबारी से बात की।
कहां आप सीनियर सिटीजन हैं। डॉक्टर साहब आपको देखने के लिए इंदौर आ गए हैं। फिर दोनों बदमाश अन्नपूर्णा मंदिर पर कैब टैक्सी कर आए। यहां बेटा लोकेश उन्हें लेने पहुंचा। घर आते ही दोनों बदमाशों ने बातों में उलझाकर मुझे, बेटे और बहू रिंकी व पत्नी आशादेवी को हिप्नोटाइज (सम्मोहित) कर दिया।
इलाज के नाम पर कमर पर 28 चीरे लगाकर पस निकाला और हर चीरे के 7 हजार 500 रुपए मांगे। कहा कि हमने 28 कट लगाए हैं, इसका 2 लाख 10 हजार बिल बना है। हमने कहा इतना कैश नहीं है। घर में डेढ़ लाख कैश होने की बात कही तो कहा दे दो। उनके जाते ही 15 मिनट बाद हम हमें ठगी का पता चला।
शंकरलाल ने बताया हमने अन्नपूर्णा थाने जाकर ठगी की घटना बताई। बदमाशों के फोटो भी पुलिस को दिए, उनका कैब का नंबर और मोबाइल नंबर भी दिए, लेकिन पुलिस ने तीन दिन बाद भी न तो एफआईआर दर्ज की न ही बदमाशों को पकड़ा। इधर, एसीपी शिवेंदु जोशी ने कहा इस घटना की जानकारी हमें जैसे ही मिली वैसे ही हमने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

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