इति की सहेली को पता हैं ब्लैकमेलिंग के राज:इंदौर के कारोबारी भूपेन्द्र रघुवंशी के ड्रायवर और गार्ड से पूछताछ, बोले -हर जगह साथ होती थी आरिशी

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के पब संचालक भूपेन्द्र रघुवंशी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने इनके गार्ड सौरभ और ड्राइवर शुभम शर्मा से पूछताछ की है। दोनों ने पुलिस को बताया कि इति दो साल से भूपेन्द्र के साथ रिलेशन में थी, मुंबई से आती थी तो बहन शिवांगी के घर रुकती थी।
गार्ड सौरभ का कहना है कि इति की सहेली आरिशी को ब्लैकमेलिंग की सारी कड़ियां पता है। क्योंकि जहां भी इति जाती थी आरिशी उसके साथ होती थी। ऐसे में अब पुलिस आरिशी से भी पूछताछ कर सकती है।
भूपेन्द्र के साथ इति शहर की हाई प्रोफाइल पार्टियों में जाती थी। चैत्र नवरात्रि में भी इति इंदौर आई और उसने शहर के एक पब में खूब नशा किया। ड्राइवर शुभम ने इति को मना किया तो भूपेन्द्र ने ही शुभम को बीच में बोलने से रोक दिया। वह पब के बाहर कार में बैठकर गांजा फूंकती थी।
पहले भी दे चुकी है धमकी, 25 लाख में करवाया था समझौता
भूपेन्द्र के ड्राइवर व गार्ड ने पुलिस को बताया कि पहले भी कई बार इति भूपेन्द्र को रेप केस में फंसाने की धमकी दे चुकी है। एक बार तो दोस्त दीपेश मोटवानी और बिजनेस पार्टनर श्रीकांत ने दोनों के बीच 25 लाख रुपए में समझौता कराया था। इसके कुछ दिन बाद से ही इति फिर से ब्लैकमेल करने लगी। इति अपनी सहेली आरजे आरिशी जैन निवासी साकेत नगर को भी पार्टियों में साथ लाती थी।
एक महीने पहले भूपेन्द्र के बर्थडे पर भी हुई थी कहासुनी
ड्रायवर ने बताया कि खुड़ैल के फार्म हाउस पर बर्थडे पार्टी में भूपेन्द्र और इति की कहासुनी हुई थी। यहां भी वह अपनी सहेली आरिशी के साथ आई थी। वे दोनों यहां काफी देर तक रुकी। बाद में भूपेन्द्र ने दोनों को अपनी कार से उनके घर छुड़वाया था। यह फार्म हाउस भूपेन्द्र का था। यहां 22 जुलाई को भूपेन्द्र ने बर्थडे पार्टी का आयोजन किया था। इसमें भूपेन्द्र के कई दोस्त भी शामिल हुए थे। भूपेंद्र और इति पार्टी के बाद यहां काफी देर तक बैठे थे। उनके बीच पहले नार्मल बात हो रही थी, लेकिन बीच में भूपेन्द्र गुस्से में दिख रहा था।
भूपेन्द्र का सबसे करीबी था शुभम
भूपेन्द्र के सबसे नजदीक उसका ड्रायवर शुभम ही था जो हमेशा उनके साथ आना जाना करता था। इति को भी अधिकतर घर और मुंबई जाने के दौरान एयरपोर्ट छोड़ा करता था। भूपेन्द्र को घटना के दिन भी शुभम अस्पताल लेकर गया था। पंचनामे के दौरान शुभम से पुलिसकर्मियों ने बात की थी तब भी उसने इति पर ही आत्महत्या के लिए उकसाने का दबाव बनाने की बात कही।
यूएस से आज आएगी बेटी तब होगा अंतिम संस्कार
भूपेन्द्र की बेटी यूएस में है। परिवार ने उसे पिता की तबीयत खराब होने की बात की थी। आज वह इंदौर पहुंच जाएगी। इसके बाद भूपेन्द्र का अंतिम संस्कार किया जाएगा। भूपेन्द्र के शव को अभी चोइथराम अस्पताल में रखा गया है।
अन्नपूर्णा एसीपी शिवेंद्र जोशी के मुताबिक
भूपेन्द्र रघुवंशी की आत्महत्या के मामले में काफी लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। फिलहाल जांच की जा रही है ।जांच के बाद ही किसी तथ्य पर पहुंचेंगे।
सुसाइड नोट – 1
मेरे मरने के बाद मेरे घरवालों और दोस्तों को कोई परेशान न करे।
इति तिवारी के साथ मेरा रिश्ता 2 साल से ज्यादा चला। शुरू में सब ठीक था, लेकिन मुंबई जाने के कुछ समय बाद उसने धमकी देना शुरू कर दिया। वह मुझे डराती थी कि रेप केस लगवा देगी।
मुंबई में किन लोगों से उसका संपर्क है या उसके पीछे कौन लोग हैं, यह साफ नहीं है। मुंबई या इंदौर, दोनों जगह से वह दबाव बनाती रही।
जब वह यहां (इंदौर) आने वाली थी, तब मैंने दीपेश भैया और श्रीकांत भैया को बताया था। उसी रात उसने हंगामा किया और मामला 25 लाख में सुलझा। अगले दिन मैंने पैसे भी दे दिए। इसके बाद कुछ समय तक वह रोती रही।
लोगों के सामने कुछ और बोलती थी और अकेले में कुछ और। शुरू में जो भी हुआ, वह मेरी मर्जी से था और सारे खर्चे भी मैंने ही किए। बाद में उसे किसी का गलत सपोर्ट मिला और उसने मुझे पूरी तरह घर में कैद कर दिया।
सबके सामने वह कहती थी कि मैं उसके लिए कुछ नहीं करता, लेकिन सारी डिटेल मेरे कार्ड, पेटीएम और फ्लाइट करवाने वाले करण भैया से मिल जाएगी।
सुसाइड नोट – 2
मोबाइल से लेकर एयरपोर्ट, शॉपिंग, सैलून और बाकी सारे खर्च मैंने किए हैं। इति ये सब चीजों को नकार नहीं सकती, क्योंकि ये सबके सामने हुआ है। बर्थडे और बाकी मौकों पर जो कुछ भी हुआ, वह कैसे नकारा जा सकता है?
कुछ समय पहले कार के लिए भी ‘हां’ की थी, फिर बाद में ‘ना’ कर दी। मुंबई में दो-तीन गाड़ियों की टेस्ट ड्राइव भी ली थी।
अब केस करने का बोल रही है। मुंबई जाने के बाद क्या हुआ, पता नहीं। उसने मुझे कई बार कहा कि केस लगवा दूंगी। मुझे नहीं पता इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं।
मेरा फोन हैक करवा रखा है। मुझसे कहती है कि उसके पास पूरा रिकॉर्ड है। इस वजह से मुझे दूसरा फोन लेना पड़ा, क्योंकि इसका फोन मैं मिस नहीं कर सकता था। दूसरे फोन पर अलग बातें होती थीं और एक फोन हमेशा इसके लिए फ्री रखना पड़ता था।
सुसाइड नोट – 3
इसके पति को हमारे बारे पता है, लेकिन इस मामले में वो शायद ही इनवॉल्व हो। इति से मैंने सबकुछ शेयर कर रखा है। अब उसी भरोसे का फायदा उठा रही है।
मैं इंदौर में घूम नहीं सकता, बाहर नहीं जा सकता। लेकिन इति मुंबई में सब कर सकती है। वाइफ और बच्चों को मुंबई छोड़ने गया था, तब इति ने ड्राइवर के सामने भी लड़ाई की थी।
अपनी दोस्त को ले जाने के लिए भी इति ने मुझसे टिकट कराई थी। रेडियो बार में प्रैंक के बाद मैं पूरी रात सो नहीं पाया था। होटल का गेट बंद कर रखा था। उसने घर भी फोन किया था शायद।
मैं इति के लिए सारी चीजें करने को तैयार था। लेकिन इसका धमकाना चालू रहा।
सुसाइड नोट – 4
अंशुमन भैया को भी लगभग सारी बातें पता है। सिर्फ पैसे वाली बात किसी से शेयर नहीं की, दीपेश भैया और संतोष भैया से भी नहीं।
इन सबके पीछे कौन-कौन है, यह नहीं समझ पा रहा। इति अकेली तो ये सब नहीं कर सकती। आज फिर ऐसा लग रहा है कि ये रिपोर्ट कर सकती है या करवा सकती है।
आज तो फोन पर फिर से बोली कि आईफोन-17, एक फ्लैट और एक कार चाहिए। फिर कहने लगी कि नहीं चाहिए, इसे लगा कि मैं कॉल रिकॉर्डिंग कर रहा हूं।
जब ये इंदौर आई थी, इसने मेरे दोनों फोन को गाड़ी के दोनों पहियों के बीच रखवाकर तुड़वा दिए। अगले दिन मुझे सैमसंग ठीक कराना पड़ा और आईफोन खरीदना पड़ा। उसमें भी बहुत डेटा है।
इसके एक दिन पहले ही हमारा झगड़ा हुआ था। वैशाली के सामने इसने बैग से मारा था। इसी बैग में एक फोन था, जो मैंने झगड़े में तोड़ दिया था। ये फोन भी इति को मैंने ही दिलाया था। वंसुधरा से इसकी डिटेल मिल जाएगी।

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