जिनपिंग ने कहा- मालदीव की आजादी की रक्षा करेंगे:भारत से विवाद के बीच राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ टूरिज्म सहित 20 अहम समझौते किए

By Abhishek Raghuvanshi
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चीन में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग। - Dainik Bhaskar
चीन में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

भारत से विवाद के बीच मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू चीन के दौरे पर हैं। इस दौरान बुधवार को उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ पीपल में मुइज्जू का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मालदीव को अपना पुराना साथी बताया है।

उन्होंने कहा कि मालदीव-चीन के पास ये मौका है कि वो अपनी ऐतिहासिक साझेदारी को भविष्य में और आगे बढ़ाएं। शी जिनपिंग से बातचीत के दौरान मुइज्जू ने कहा कि चीन ने मालदीव की आर्थिक सफलता में जो सहयोग किया है उसके लिए वो आभारी हैं।

चीन की सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक शी जिनपिंग ने कहा कि चीन मालदीव के राष्ट्रीय हित में किए जा रहे विकास के एजेंडे में उनकी मदद करेगा। मालदीव की संप्रभुता, स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा करने में चीन उनके साथ खड़ा है।

राष्ट्रपति बनने के बाद ये मोहम्मद मुइज्जू का दूसरा विदेश दौरा है। इससे पहले वो तुर्किये गए थे।

चीन-मालदीव में टूरिज्म समेत 20 अहम समझौते हुए
भारत से विवाद के बीच मालदीव-चीन में पर्यटन सहयोग सहित 20 अहम समझौते हुए हैं। शी जिनपिंग ने कहा है कि वो मालदीव में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच डायरेक्ट उड़ने वाली फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाएंगे। मुइज्जू ने कहा कि वे चीन में अपने पहले आधिकारिक दौरे को लेकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्हें खुशी है कि वो चीन के लिए इस साल के पहले विदेशी मेहमान हैं।

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मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि मालदीव सरकार और चीन सरकार के बीच 20 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और ये दोनों राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में हुआ। दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में टूरिज़्म कोऑपरेशन, ब्लू इकॉनमी, आपदा प्रबंधन, शामिल है।

BRI के जरिए मालदीव में तेजी से इंफ्रास्ट्रकचर का निर्माण करेगा चीन
चीन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के जरिए मालदीव में इंफ्रास्ट्रकचर के निर्माण में तेजी लाएगा। इनमें आवास परियोजना, फिशरी उत्पादों के कारखाने बनाना, माले और विलीमाले में सड़क विकास परियोजनाओं का विकास करना शामिल है।

वहीं, मुइज्जू के इस दौरे के बाद दोनों देशों के संबंध कोम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक कोआपरेटिव पार्टनरशिप तक पहुंच गए हैं। ये दो देशों के बीच तीसरे लेवल की सबसे बड़ी साझेदारी मानी जाती है। किसी भी देश के साथ इस साझेदारी से चीन ये दिखाता है कि वो देश उनके रणनीतिक रूप से कितना अहम है।

राष्ट्रपति मुइज्जू बोले- मालदीव में ज्यादा से ज्यादा पर्यटक भेजे चीन
दूसरी तरफ पांच दिन की ऑफिशियल विजिट पर चीन गए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु ने मंगलवार को चीन से अपने पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की अपील की। मुइज्जू ने कहा- चीन हमारा खास सहयोगी और डेपलपमेंट पार्टनर है। हम चाहते हैं कि यहां के ज्यादा टूरिस्ट मालदीव आएं। दोनों देशों के बीच हिंद महासागर में टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 50 मिलियन डॉलर के समझौते भी हुए।

कैसे शुरू हुआ भारत-मालदीव विवाद

  • मोहम्मद मुइज्जू ने अपनी चुनावी कैंपेन में इंडिया आउट का नारा दिया।
  • मुइज्जू ने सत्ता में आने के बाद भारत के सैनिकों को निकाल लेने के आदेश दिए।
  • भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे एग्रीमेंट खत्म करने की घोषणा की।
  • मालदीव के दो मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।

विवाद के बाद मंत्री सस्पेंड

मालदीव में चीन के निवेश पर नजर
मालदीव पर चीन का 1.37 बिलियन डॉलर यानी 11 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। जो मालदीव के कुल कर्ज का 20% है। चीन के बाद मालदीव को कर्ज देने वालों में दूसरे नंबर पर सऊदी अरब और तीसरे नंबर पर भारत है।

मालदीव के 2014 में BRI में शामिल होने के बाद वहां चीनी कंपनियों का निवेश बढ़कर 1.37 बिलियन डॉलर हो चुका है।

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