इंदौर नगर निगम के अधिकारियों की सांठ गांठ से एजेंसी के द्वारा किए गए फ्लैट आवंटन घोटाले के बाद एक और मामला उजागर हुआ
गरीबों से रजिस्ट्री के नाम पर 3500 से 4000 रुपयों की वसूली की जा रही है
जिनको फ्लैट आवंटित हुए है उनको, निगम में अनाधिकृत रूप से बैठे व्यक्ति फोन लगा कर उनके खाते में राशि डालने के लिए दबाव बना रहे है
जबकि PM आवास योजना में रजिस्ट्री खर्च के नाम पर कोई राशि वसूली का प्रावधान नहीं है
इस तरह प्रत्येक फ्लैट धारक से वसूली गई और वसूली जाने वाली इस राशि का आंकलन करें तो करोड़ो रूपयों की अवैध वसूली निगम कार्यालय में बैठ कर निगम उपायुक्त के संरक्षण में की जा रही है
इस तरह PM आवास योजना के लाभ धारकों में योजना की बदनामी होकर, जनता में गलत संदेश जा रहा है
राशि नही देने पर रजिस्ट्री के स्लॉट बुक नही किए जा रहे है, अवैधानिक रूप से निर्धारित व्यक्तियों से ही रजिस्ट्री करवाने का दबाव बनाया जा रहा है
