9 साल के भतीजे की गवाही से फूफा को उम्रकैद:इंदौर में पत्नी की हत्या को बताया था सुसाइड; शरीर पर मिले निशानों से सुलझी गुत्थी

By Abhishek Raghuvanshi
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5 साल पहले पति ने गला घोंटकर पत्नी की हत्या कर दी। सभी से कहा कि पत्नी ने फांसी लगाई है। लेकिन पास ही में रहने वाले रिश्तेदारों को पति की बात पर भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस को शिकायत की। जांच के बाद मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में बचने के लिए भी पति ने तर्क दिए। लेकिन सब एक-एक कर खारिज हो गए। मामले में 9 साल के भतीजे की गवाही महत्वपूर्ण रही। आरोपी पति रवि को अपर सत्र न्यायाधीश देपालपुर जिला इंदौर हिदायत उल्ला खान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने सजा कम कराने के लिए बच्चों का हवाला तक दिया। लेकिन कोर्ट ने सारे तर्क खारिज कर दिए। जानिए क्या है पूरा मामला
8 फरवरी 2019 को फरियादी दिनेश डांगी बेटमा थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन अन्नु के घर गया। घर के अंदर गया तो देखा बहन बेहोश पड़ी हुई है। जीजा रवि पिता किशोर मोहनिया (33) निवासी सिंधी पुरा काली बिल्लौद पास में ही खड़ा था। उसने जीजा रवि से पूछा कि अन्नु को क्या हुआ है। तो जीजा ने कहा कि वह अभी घर आया है उसे नहीं मालूम।
दिनेश ने बहन को हिलाकर देखा तो उसके गले पर निशान दिखा। फिर उसने पड़ोस में रहने वाले राकेश, जितेन्द्र, भागीरथ और भारत को बुलाया। बहन को बेहोश हालत में सरकारी अस्पताल बेटमा लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम में मृतका के गले में सूजन और चोट के निशान मिले। डॉक्टर ने गला दबाने के कारण दम घुटने से मौत होना बताया। भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले में आरोपी पति रवि के खिलाफ धारा 302 में केस दर्ज किया। पुलिस ने जांच में पाया कि पति ने झगड़ा होने के बाद गुस्से में पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

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