80 साल के बुजुर्ग नारायण चांदकी ने हाई कोर्ट का रुख कर याचिका दायर की

By Abhishek Raghuvanshi
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बेलेश्वर मंदिर में दो साल पहले बावड़ी धंसने पर एक ऐसे नौजवान की मौत हो गई थी, जिसके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। पत्नी, बच्चे और माता-पिता की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा था। मृतक इंदर के पिता 80 साल के बुजुर्ग नारायण चांदकी ने कलेक्टर दफ्तर से विधायकों की चौखट तक मिन्नतें की, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। फिर उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया। अधिवक्ता मनीष यादव के माध्यम से याचिका दायर की।

याचिका में उल्लेख किया कि बेटे इंदर की मौत के बाद गृहस्थी चलाना असंभव हो गया है। बच्चों की फीस से
लेकर हर तरह की मदद का प्रशासन ने कहा था, लेकिन कुछ नहीं किया। याचिकाकर्ता ने गृहस्थी चलाने, बच्चों
की पढ़ाई के लिए 50 लाख रुपए की मदद की मांग की थी। जस्टिस प्रणय वर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। हाई कोर्ट ने आदेश में कहा कि पीड़ित द्वारा 50 लाख रुपए मुआवजे का जो आवेदन किया गया है, उसका 45 दिन में निराकरण किया जाए।

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